
Drone Attack: कैसे करें ड्रोन खतरे का मुकाबला? जानिए क्या-क्या हैं तरीके
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भारत ने ड्रोन अटैक का एक छोटा ट्रेलर देखा, जब 27 जून को जम्मू के हाई सिक्योरिटी वाले वायु सेना स्टेशन पर दो विस्फोट हुए थे. ऐसे में आइए जानते हैं क्यों ड्रोन विरोधी सुरक्षा जरूरी है और क्या है इसके मायने?
जम्मू एयर बेस पर ड्रोन अटैक के बाद सुरक्षा बलों की चुनौतियां बढ़ गईं हैं. कम या बिना आवाज के उड़ान भरने वाले ड्रोंस का पता लगाना मुश्किल होता है. वे तबाही को अंजाम देने वाले उपकरण हो सकते हैं. यह हाल ही में 27 जून को जम्मू में भारतीय वायु सेना स्टेशन पर हुए हमले में देखा गया था. ऐसे में अब मांग उठ रही है कि भारत के पास ऐसे ड्रोन हमलों से निपटने का इंतजाम होना चाहिए. जैसे इजरायल के पास 'आयरन डोम' नाम का कारगर एयर डिफेंस सिस्टम है.
बिहार के बगहा में फैमिली विवाद में हाई वोल्टेज ड्रामा हो गया. यहां दूसरी शादी करने वाले युवक को पहली पत्नी के परिजनों ने पकड़कर सरेआम पीट दिया. अनुमंडल चौक पर हुए हंगामे से अफरा-तफरी मच गई. तमाम लोगों की भीड़ जमा हो गई. हालात बिगड़ते देख डायल 112 की पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर युवक को बचाया और दोनों पक्षों को थाने ले गई.

काशी के मणिकर्णिका घाट पर इन दिनों कायाकल्प का काम चल रहा है, जिसको लेकर तोड़फोड़ और मूर्तियों के नुकसान के आरोपों पर सियासी घमासान मचा हुआ है. सरकार का कहना है कि घाट को विश्व स्तरीय सुविधाओं के साथ नए सिरे से विकसित किया जा रहा है. इसके लिए पहले चरण में 35 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं और बड़ा प्लेटफार्म बनाया जाएगा ताकि एक साथ अंतिम संस्कार की बेहतर व्यवस्था हो सके.

पंजाब के बठिंडा में गुरथरी गांव के पास एक फॉर्च्यूनर कार डिवाइडर से टकरा गई, जिससे भीषण हादसा हुआ. इसमें पांच लोगों की मौत हो गई, जिनमें एक महिला पुलिस कांस्टेबल भी शामिल है. सभी गुजरात के रहने वाले थे और घूमने आए थे. सुबह के कोहरे को हादसे की वजह बताया जा रहा है. पुलिस जांच कर रही है और शवों को बठिंडा सरकारी अस्पताल में भेजा गया है.

बीएमसी चुनाव में करारी हार के बाद पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए शिवसेना (उद्धव गुट) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने एकनाथ शिंदे पर हमला बोला. नवनिर्वाचित नगरसेवकों को संबोधित करते हुए उन्होंने हार के कारणों पर खुलकर बात की और बीजेपी-शिवसेना शिंदे गुट पर निशाना साधा. ठाकरे ने कहा कि सत्ता, पैसा और दबाव से लोग तोड़े जा सकते हैं, लेकिन जमीनी शिवसेना और कार्यकर्ताओं की निष्ठा को कभी खरीदा नहीं जा सकता.

वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर पुनरुद्धार कार्य के दौरान ऐतिहासिक चबूतरे और अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति को बुलडोजर से ढहाए जाने के बाद लोगों के गुस्सा फूट पड़ा है. हालांकि, वाराणसी के मेयर और क्षेत्रीय विधायक ने मणिकर्णिका घाट पहुंचे इस मामले पर सफाई भी दी है. इसी बीच सूबे के मुख्यमंत्री योगी भी वारासणी पहुंच गए हैं.








