
Delhi EWS Admission 2025: शिक्षा मंत्री ने किया सावधान, कहा- दाखिले के लिए कोई पैसे मांगे तो हमें बताएं!
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Delhi EWS Admission 2025: दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा,
Delhi EWS Schools Admission 2025: दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों में आर्थिक रूप से कमजोर (EWS), वंचित समूहों और दिव्यांगजन वर्ग के बच्चों के एडमिशन चल रहे हैं. दिल्ली के 1700 से ज्यादा प्राइवेट स्कूलों में EWS कोटा के तहत नर्सरी, LKG, UKG और क्लास-1 एडमिशन 2025-26 की प्रक्रिया 5 मार्च से शुरू हुई थी, जो 15 मार्च 2025 तक चलेगी. इस बीच दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने पेरेंट्स को कहा है कि अगर एडमिशन को लेकर किसी भी तरह की गड़बड़ी मिले या कोई पैसे मांगे तो सीधे हमसे मिलकर शिकायत दें.
आधिकारिक बयान के अनुसार, ईडब्ल्यूएस दाखिले के लिए दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया अभी चल रही है. अब तक, 5 मार्च को आयोजित लॉटरी के माध्यम से चुने गए छात्रों के लिए 6,192 दस्तावेजों का सत्यापन किया जा चुका है. यह प्रक्रिया निर्धारित वेरिफिकेशन सेंटर्स पर की जा रही है.
एडमिशन प्रोसेस में ट्रांसपेरेंसी की कमी दिखे तो हमें बताएं: शिक्षा मंत्री
दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा, "अगर वेरिफिकेशन के दौरान अभिभावकों को किसी भी तरह की अनियमितता या ट्रांसपेरेंसी की कमी दिखे तो वे सीधे मुझसे संपर्क करके शिकायत दर्ज करा सकते हैं या अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए मेरे ऑफिस आ सकते हैं." उन्होंने जोर देकर कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में शिक्षा विभाग दाखिला प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर मिशन के तहत काम कर रहा है.
2 लाख से अधिक आवेदन शिक्षा मंत्री ने कहा कि 2 लाख से अधिक आवेदनों में से ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत नर्सरी, केजी और कक्षा 1 में दाखिले के लिए कुल 44,045 बच्चों के नाम कम्प्यूटरीकृत लॉटरी के माध्यम से निकाले गए. इन छात्रों के लिए 6 मार्च से शिक्षा निदेशालय के अंतर्गत 29 क्षेत्रों में दस्तावेज़ सत्यापन चल रहा है. 6 से 10 मार्च तक 7,042 बच्चों के माता-पिता बताए गए वेरिफिकेशन सेंटर्स पर पहुंचे हैं.
4,878 बच्चों को दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों में दाखिले के लिए टोकन जारी किए गए हैं और 1,291 अभिभावकों को अधूरे दस्तावेजों के कारण नोटिस मिले हैं. बयान में बताया गया है कि लॉटरी में नाम चुने जाने के बावजूद पिछले चार दिनों में चार बच्चों के आवेदन उनके आवश्यक दस्तावेज़ों में विसंगतियों के कारण खारिज कर दिए गए.

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