
Delhi Crime: पेट्रोलिंग के दौरान दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल की चाकू घोंपकर हत्या, एनकाउंटर के बाद आरोपी अरेस्ट
AajTak
दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके में दिल्ली पुलिस में तैनात सिपाही किरण पाल की चाकू मारकर हत्या कर दी गई. घटना शनिवार सुबह गली नंबर 13 में हुई. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच के लिए कई टीमें बनाई हैं. पुलिस ने एनकाउंटर के बाद एक आरोपी को गिरफ्तार किया है.
दिल्ली के गोविंदपुरी इलाके में शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस के सिपाही की हत्या से सनसनी फैल गई. मृतक की पहचान किरण पाल के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार, सिपाही को चाकू घोंपकर मौत के घाट उतारा गया. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज मामले की जांच शुरू की. इस घटना में शामिल एक बदमाश दीपक को पुलिस ने एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार किया.
बताया जा रहा है कि गश्त के दौरान सिपाही किरणपाल ने आरोपी दीपक मैक्स और उसके साथी को नशे की हालत में पकड़ा था जो चोरी करने जा रहे थे. उसी दौरान आरोपी दीपक मैक्स और उसके साथी ने सिपाही किरणपाल पर चाकू से हमला कर दिया. सिपाही किरणपाल ने अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में दम तोड़ दिया था. यह वारदात गोविंदपुरी के गली नंबर 13 में हुई थी. स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह जब वो जागे तो उन्हें वारदात के बारे में पता चला.
कांस्टेबल की चाकू घोंपकर हत्या
मृतक कांस्टेबल के पेट और छाती पर चाकू के निशान थे. सिपाही वर्दी में था और सरकारी मोटरसाइकिल भी पास में पड़ी मिली. पुलिस ने मामले का खुलासा करने के लिए कई टीमें गठित की. आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले और आरोपियों की पहचान की.
एनकाउंटर के बाद एक आरोपी गिरफ्तार
शुरुआती जांच में एक सीसीटीवी वीडियो सामने आया है, जिसमें आरोपी हत्या के बाद भागते दिखे थे. स्थानीय लोगों ने बताया कि यह घटना चौंकाने वाली है क्योंकि जिस जगह हत्या हुई, वह एक मुख्य सार्वजनिक स्थान है.

MP विधानसभा के बजट सत्र में गुरुवार को उस समय मर्यादाएं तार-तार हो गईं, जब कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बीच तीखी बहस ने अपमानजनक मोड़ ले लिया. सदन में इस्तेमाल किए गए असंसदीय शब्दों के कारण न केवल कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी, बल्कि मुख्यमंत्री को भी मोर्चा संभालना पड़ा.

केरल स्टोरी 2 फिल्म को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. मुस्लिम पक्ष इस फिल्म को राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी सरकार का प्रोपेगेंडा बता रहा है. दूसरी ओर, फिल्म मेकर और सरकार के समर्थक कह रहे हैं कि जो भी घटनाएं हुई हैं, उन्हीं पर इस फिल्म की कहानी आधारित है. इसी बीच कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी इस फिल्म पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.











