
CWC Meeting: अगर गांधी परिवार की वजह से कमजोर हो रही कांग्रेस, तो हम हर त्याग के लिए तैयार: सोनिया
AajTak
पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के निराशाजनक प्रदर्शन पर कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की रविवार को दिल्ली में बैठक हुई. कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी कहा कि हम सभी को सोनिया गांधी के नेतृत्व पर भरोसा है.
पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों में करारी हार पर दिल्ली में रविवार को करीब पांच घंटे तक चला कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) का मंथन खत्म हो चुका है. संगठन में नेतृत्व बदलाव की मांग के बीच रणदीप सुरजेवाला ने मीडिया को स्पष्ट किया कि बैठक में तय हुआ है कि पार्टी सोनिया गांधी के नेतृत्व में ही आगे बढ़ेगी.
हालांकि सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में सोनिया गांधी ने अपने इस्तीफे की पेशकश तक कर डाली. उन्होंने कहा कि अगर पार्टी के सदस्यों को यह लगता है कि गांधी परिवार की वजह से कांग्रेस पार्टी आगे नहीं बढ़ पा रही है तो हम हर त्याग करने को तैयार हैं.
राहुल बनें पूर्णकालिक अध्यक्ष: डीके शिवकुमार
चुनावों में कांग्रेस को करारी शिकस्त मिलने के बाद कांग्रेस नेता डीके शिवकुमार ने रविवार को कहा कि राहुल गांधी को तुरंत पूर्णकालिक भूमिका में कांग्रेस अध्यक्ष पद ग्रहण करना चाहिए. मेरे जैसे करोड़ों कांग्रेस के कार्यकर्ताओं की यही कामना है.
थरूर ने संगठन में सुधार की बात कही
CWC की बैठक के दौरान ही कांग्रेस नेता शशि थरूर ने G-23 के सदस्यों द्वारा दो साल पहले लिखे एक पत्र साझा कर दिया. साथ ही उन्होंने कहा कि पत्र में सभी सदस्यों ने संगठन बदलाव की मांग की थी ताकि चीजें बेहतर हों, लेकिन तब से ज्यादा बदलाव नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस देश का सबसे विश्वसनीय विपक्षी दल है. ऐसे में इसमें सुधार की जरूरत है.

केरल स्टोरी 2 फिल्म को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. मुस्लिम पक्ष इस फिल्म को राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी सरकार का प्रोपेगेंडा बता रहा है. दूसरी ओर, फिल्म मेकर और सरकार के समर्थक कह रहे हैं कि जो भी घटनाएं हुई हैं, उन्हीं पर इस फिल्म की कहानी आधारित है. इसी बीच कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी इस फिल्म पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

मेघालय के शिलॉन्ग से लोकसभा सांसद रिकी एंड्रयू जे सिंगकों का फुटसल खेलते समय अचानक गिरने के बाद निधन हो गया. उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. सक्रिय जनसंपर्क और क्षेत्रीय मुद्दों को संसद में उठाने वाले सिंगकों के निधन से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में गहरा शोक है.











