
Covishield को लेकर Britain का भेदभावपूर्ण रवैया, India ने जताई नाराजगी
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रिकॉर्ड समय में कोविड-19 वैक्सीन विज्ञान की उपलब्धि तो है लेकिन वैक्सीनेशन को लेकर भेदभाव वाला रवैया, चालबाजी और स्वार्थ भी भरपूर देखने को मिल रहा है. अभी तक अमीर और साधनसम्पन्न देश वैक्सीन मोनोपोली ही कर रहे थे लेकिन अब ब्रिटेन का वैक्सीन नस्लवाद भी सामने आया है. ब्रिटेन के इस वैक्सीन नस्लवाद का शिकार होने वाले बड़े देशों में भारत भी है. ब्रिटेन 4 अक्टूबर से दुनिया के यात्रियों को आने की इजाजत दे रहा है, लेकिन भारत में वैक्सीन प्राप्त यात्रियों को वहां जाकर 10 दिन क्वारंटीन रहना होगा. ब्रिटेन के इस ट्रैवल रूल का सबसे बड़ा विरोधाभाष ये है कि भारत में निर्मित कोविशील्ड को वो मान्यता तो देता है, लेकिन भारत में जारी कोरोना वैक्सीन सर्टिफिकेट को उसने मंजूरी नहीं दी है. देखें वीडियो.

राष्ट्रपति ट्रंप ने एक इंटरव्यू में स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि ईरान ने उन पर हमला किया या उनकी हत्या की साज़िश रची, तो अमेरिका ईरान को पूरी तरह से दुनिया के नक्शे से मिटा देगा. यह बयान अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है. ट्रंप की इस धमकी ने वैश्विक राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. ऐसे हालात में दोनों देशों के बीच शांति बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है.

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