
CBSE Exam 2022: सीबीएसई ने छात्रों के लिए की बड़ी घोषणा, स्कूलों को करना होगा ये काम
Zee News
CBSE's BIG announcement for Class 10th and 12th Students: केंद्रीय माध्यमिक परीक्षा बोर्ड (CBSE) ने 2022 की बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए एक बड़ी घोषणा की है और बताया है कि जल्द ही एक पोर्टल शुरू किया जाएगा.
नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक परीक्षा बोर्ड (CBSE) ने 2022 की बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए एक बड़ी घोषणा (Big announcement for CBSE Class 10, 12 Board Exam 2022) की है. बोर्ड ने कहा है कि जल्द ही एक पोर्टल (CBSE New Portal) शुरू किया जाएगा, जिसमें 2022 की परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों की जानकारी होगी. सीबीएसई (CBSE) ने कहा कि पोर्टल में उन सभी छात्रों का पूरा विवरण होगा, जो अगले साल परीक्षा (CBSE Class 10, 12 Board Exam 2022) में शामिल होंगे. बोर्ड ने कहा कि सीबीएसई से संबद्ध सभी स्कूलों को उन सभी छात्रों का विवरण जमा करने के लिए कहा जाएगा. छात्रों की जानकारियां पोर्टल पर दिखाई जाएंगी.
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.

Boeing P-8I Neptune Aircraft: Boeing P-8I Neptune विमानों की अतिरिक्त खरीद की जा रही है. इससे लंबी दूरी की एंटी-सबमरीन वॉरफेयर (ASW), समुद्री निगरानी और समुद्री हमले की क्षमता को मजबूत करेगी. यह विमान अमेरिकी कंपनी Boeing द्वारा बनाए जाते हैं. इन 6 विमानों के शामिल होने के बाद भारतीय नौसेना के पास कुल 18 P-8I विमान हो जाएंगे. इससे भारत, अमेरिका के बाद, इस विमान परिवार का दूसरा सबसे बड़ा ऑपरेटर बन जाएगा.








