
'Black Alien' बना शख्स, पहचान पाना मुश्किल, बताया किस वजह से खुद को बदलना पड़ा
AajTak
इस शख्स को उसके 'ब्लैक एलियन प्रोजेक्ट' के लिए जाना जाता है. उसका कहना है कि उसने अपने ट्रांसफोर्मेशन का 62 फीसदी काम पूरा करा लिया है. आगे रुकने का भी कोई इरादा नहीं है.
एक शख्स ने अपने शरीर में इतने बदलाव करवा लिए हैं कि अब उसे पहचान पाना मुश्किल हो गया है. वो ऐसा बीते 10 साल से कर रहा है. उसने अपने शरीर पर टैटू बनवाए हुए हैं. उसका कहना है कि उसे टैटू की लत लग गई थी. जिसके कारण अब लोग उसे ब्लैक एलियन कहकर बुलाते हैं. उसका नाम एंथनी लोफ्रेंडो हो. एंथनी को उनके 'ब्लैक एलियन प्रोजेक्ट' के लिए जाना जाता है. उनका कहना है कि उन्होंने अपने ट्रांसफॉर्मेशन का 62 फीसदी काम पूरा करा लिया है.
डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, फ्रांस के रहने वाले एंथनी का आगे रुकने का भी कोई इरादा नहीं है. उन्होंने अपनी नाक, कान और दो उंगलियां कटवा ली हैं. आंख पर टैटू बनवाए हैं. अब उन्होंने इंस्टाग्राम पर अपनी 10 साल पहले की एक तस्वीर शेयर की है, जिसमें वो पहचान में ही नहीं आ रहे. उन्होंने तस्वीर शेयर कर लोगों को ये बताने की कोशिश की है कि आखिर उन्होंने अपनेआप में कितने बदलाव किए हैं. एंथनी के इंस्टाग्राम पर 1.4 मिलियन फॉलोअर्स हैं.
यह भी पढ़ें- VIDEO: आसमान में हरे रंग की रोशनी, शख्स को विमान से दिखा गजब का नजारा, आखिर क्या है ये?
बताया लोग क्या कहते हैं
उन्होंने तस्वीर शेयर करते हुए उसके कैप्शन में लिखा है कि वो 25 साल की उम्र में कैसे लगते थे और अब 35 साल की उम्र में कैसे लगते हैं. उनका कहना है कि पुरुषों ने उन्हें पागल कहा. लेकिन विज्ञान ने हमें यह नहीं सिखाया है कि पागलपन बुद्धि की उत्कृष्टता है या नहीं. ब्लैक एलियन प्रोजेक्ट क्रांति 62 फीसदी पूरी हो गई है.
पहले की तस्वीर में एकदम अलग

दुबई के शाही परिवार से ताल्लुक रखने वाली राजकुमारी 2019 में अपने पति के डर से भाग गई और ब्रिटेन में जाकर शरण ले ली. यह दावा करते हुए कि उसे अपने पति से जान का खतरा है. क्योंकि उसे पता चला था कि शेख ने पहले अपनी ही दो बेटियों का अपहरण कर लिया था और उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध दुबई वापस ले आया था. अब वह ब्रिटेन के एक गांव में अपना शाही आशियाना बना रही हैं.

Chalisa Yog: ज्योतिष शास्त्र में चालीसा योग उस स्थिति को कहा जाता है जब दो ग्रह आपस में 40 अंश (डिग्री) की दूरी पर स्थित होते हैं. इस योग का नाम ही “चालीसा” है, क्योंकि इसका संबंध 40 अंश के अंतर से होता है. चालीसा योग का प्रभाव हर राशि पर समान नहीं होता. यह ग्रहों की स्थिति, भाव और व्यक्ति की कुंडली पर निर्भर करता है कि यह योग शुभ फल देगा या सावधानी की जरूरत पैदा करेगा.











