
Bipin Rawat: जिनकी लीडरशिप में हुई थी सर्जिकल स्ट्राइक! जानिए CDS बिपिन रावत का पूरा करियर
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चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) बिपिन रावत को ऊंचाई पर जंग लड़ने और काउंटर-इंसर्जेंसी ऑपरेशन यानी जवाबी कार्रवाई के एक्सपर्ट के तौर पर जाना जाता था. साल 2016 में उरी में सेना के कैंप पर हुए आतंकी हमले के बाद तत्कालीन आर्मी चीफ जनरल बिपिन रावत के नेतृत्व में 29 सितंबर 2016 को पाकिस्तान में बसे आतंकी शिविरों पर सर्जिकल स्ट्राइक हुई थी.
सीडीएस बिपिन रावत (CDS Bipin Rawat) नहीं रहे. तमिलनाडु के कुन्नूर में 08 दिसंबर 2021 को हेलिकॉप्टर क्रैश में रावत समेत 13 लोगों की मृत्यु हो गई. हेलिकॉप्टर में रावत के अलावा उनकी पत्नी समेत 14 लोग सवार थे. सीडीएस बिपिन रावत के जीवन का एक बड़ा हिस्सा भारतीय सेना की सेवा में गुजरा. वो ऊंचाई पर जंग लड़ने (हाई माउंटेन वॉरफेयर) के एक्सपर्ट थे.आइए जानते हैं उनके करियर और लाइफ से जुड़ी कुछ खास बातें.
बिपिन रावत का जन्म 16 मार्च, 1958 को उत्तराखंड के पौड़ी में एक गढ़वाली राजपूत परिवार में हुआ था. बिपिन रावत ने 1978 में आर्मी ज्वॉइन की थी. उन्होंने 2011 में चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी से मिलिट्री मीडिया स्टडीज में पीएचडी की डिग्री हासिल की.
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) बिपिन रावत को आर्मी में ऊंचाई पर जंग लड़ने और काउंटर-इंसर्जेंसी ऑपरेशन यानी जवाबी कार्रवाई के एक्सपर्ट के तौर पर जाना जाता है. साल 2016 में उरी में सेना के कैंप पर हुए आतंकी हमले के बाद तत्कालीन आर्मी चीफ रावत के नेतृत्व में 29 सितंबर 2016 को पाकिस्तान में बसे आतंकी शिविरों को ध्वस्त करने के लिए सर्जिकल स्ट्राइक की गई थी. बिपिन रावत ने इस मिशन को ट्रेंड पैरा कमांडोज के माध्यम से अंजाम दिया था.

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