
Bikramjit Singh Majithia: 31 साल में बने मंत्री, ड्रग्स केस में फंसे, सियासी रसूख वाले बिक्रमजीत सिंह मजीठिया का ऐसा है राजनीतिक सफर
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Punjab Election 2022: पंजाब में चुनावी चौसर बिछ चुकी है. दांव पेच का दौर जारी है. पंजाब की राजनीति में अकाली दल का भूमिका महत्वपूर्ण रही है. ऐसे में अकाली नेता बिक्रमजीत सिंह मजीठिया दो जगह से चुनाव लड़ रहे हैं. विवाद में घिरे रहने वाले मजीठिया का सूबे की राजनीति में क्या महत्व है. साथ ही सियासी रसूख रखने वाले मजीठिया का राजनीतिक सफर कैसा रहा है?
Punjab Assembly Election 2022: पंजाब में विधानसभा चुनाव की रणभेरी बज चुकी है. कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, शिरोमणि अकाली दल, कैप्टन अमरिंदर सिंह की पंजाब लोक कांग्रेस और बीजेपी चुनावी रण में कूद चुकी हैं. वहीं अकाली नेता बिक्रमजीत सिंह मजीठिया पर भी सभी की निगाह बनी हुई है. मजीठिया ने दो जगह अमृतसर पूर्व के साथ मजीठा से नामांकन भरा है. मजीठिया के परिवार का सियासी रसूख रहा है. इतना ही नहीं मजीठिया 31 साल की उम्र में कैबिनेट मिनिस्टर बन गए थे. बता दें कि मजीठिया का विवादों से पुराना नाता रहा है.

मेघालय के शिलॉन्ग से लोकसभा सांसद रिकी एंड्रयू जे सिंगकों का फुटसल खेलते समय अचानक गिरने के बाद निधन हो गया. उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. सक्रिय जनसंपर्क और क्षेत्रीय मुद्दों को संसद में उठाने वाले सिंगकों के निधन से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में गहरा शोक है.

भारत में चल रहे India AI Impact Summit 2026 में दो टेक टायकून ने भले ही मंच पर दूसरे से हाथ न मिलाया हो, लेकिन इस वायरल दृश्य के बावजूद मानवता के भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के योगदान को लेकर दोनों ही लीडर लगभग एक ही दिशा में सोचते हैं. दोनों का की कहना है कि कुछ ही सालों में मशीन इंसानों से ज्यादा काबिलियत हासिल कर लेंगे.

'अगर डील नहीं हुई तो...', ईरान को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की खुली चेतावनी, 10 दिन का दिया अल्टीमेटम
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच स्विट्जरलैंड के जिनेवा में परोक्ष वार्ता जारी है. अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर मध्यस्थों के जरिए ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरकची से बातचीत कर रहे हैं, ताकि परमाणु विवाद खुले टकराव में न बदले.

आयकर विभाग ने आयकर अधिनियम की धारा 133A के तहत जांच करते हुए 2019-20 से 2025-26 तक के छह वित्तीय वर्षों का लगभग 60 टेराबाइट ट्रांजेक्शनल डेटा खंगाला. जांच में सामने आया कि संबंधित बिलिंग सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल देशभर में एक लाख से अधिक रेस्टोरेंट करते हैं और यह भारत के रेस्टोरेंट बाजार का लगभग 10 प्रतिशत कवर करता है.









