
Bajpur Assembly Seat: पिछले चुनाव में BJP ने छीनी थी सीट, क्या कांग्रेस की होगा वापसी?
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बाजपुर विधानसभा सीट: बाजपुर का नाम राजा बाज बहादुर के नाम पर पड़ा था. राजा बाज बहादुर यहां शिकार करने आया करते थे. बाजपुर में शहीद-ए-आजम भगत सिंह का परिवार भी रहता है.
राजा बाज बहादुर के नाम जानी जाने वाली उधम सिंह नगर जिले की बाजपुर विधानसभा सीट नैनीताल और काशीपुर के बीच स्थित है. राम मंदिर आंदोलन हो या फिर मोदी लहर, यहां हर सियासी घटना का असर देखने को मिलता है. बाजपुर, उत्तराखंड की उन चुनिंदा विधानसभा सीटों में है जो सूबे में राजनीति का गढ़ कही जाती है. बीजेपी के यशपाल आर्य लगातार दूसरी बार यहां से विधायक हैं. नैनीताल से 60 किलोमीटर की दूरी पर बसी यह विधानसभा एक समय सफाखाने के नाम से जानी जाती थी. यहां का सफाखाना (प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) और अंग्रेजों द्वारा बनाया गया डाक बंगला आज भी पुराने शहर की याद दिलाते हैं.
पाकिस्तान ने रात के अंधेरे में अफगानिस्तान पर एक बार फिर हमला बोला है. पाकिस्तान ने ये एयरस्ट्राइक अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एक नशा मुक्त केंद्र अस्पताल पर किया है. इस हमले में अबतक 400 से ज्यादा मासूमों की मौत हो गई है, वहीं 250 से ज्यादा घायल बताए जा रहे है. वहीं अस्पताल पर हमले के आरोप से पाकिस्तान ने इनकार किया है.

वृंदावन में बंदरों की शरारतें अब सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी चुनौती बन गई हैं. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के तीन दिवसीय दौरे से पहले चश्मा छीनने वाले बंदरों को काबू में रखने के लिए अनोखा उपाय किया गया है. वन्यजीव कानूनों के चलते असली लंगूरों की तैनाती संभव नहीं होने पर अब लंगूरों के कटआउट और विशेष टीमों के जरिए सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी.











