
Bada Mangal 2023: ज्येष्ठ मास का तीसरा बड़ा मंगल आज, जानें पूजन विधि और नियम
AajTak
Bada Mangal 2023: पौराणिक कथा कहती है कि ज्येष्ठ के महीने में ही त्रेतायुग में भगवान राम की मुलाकात वीर बजरंगी हनुमान से हुई थी. इसलिए इस महीने के मंगलवार को बड़ा मंगल कहते हैं. मान्यता है कि इस महीने के मंगलवार को हनुमत आराधना करने से बड़ा से बड़ा संकट दूर हो जाता है.
Bada Mangal 2023: ज्येष्ठ के महीने में पड़ने वाले मंगलवार के दिन भगवान हनुमान की उपासना परम पुण्यकारी बताई गई है. पौराणिक कथा कहती है कि ज्येष्ठ के महीने में ही त्रेतायुग में भगवान राम की मुलाकात वीर बजरंगी हनुमान से हुई थी. इसलिए इस महीने के मंगलवार को बड़ा मंगल कहते हैं. मान्यता है कि इस महीने के मंगलवार को हनुमत आराधना करने से बड़ा से बड़ा संकट दूर हो जाता है. आज ज्येष्ठ माह का तीसरा बड़ा मंगल है.
ज्येष्ठ के मंगलवार की महिमा ज्येष्ठ के मंगलवार को हनुमान जी की विशेष पूजा की जाती है. इस दिन हनुमान जी को तुलसी दल की माला अर्पित करने का विधान है. साथ ही हलवा पूरी या मीठी चीजों का भोग भी लगाया जाता है. इसके बाद महाबली हनुमान की स्तुति करें. निर्धनों में हलवा-पूरी और शीतल जल बांटें. ऐसा करने से मंगल सम्बन्धी हर समस्या का समाधान हो जाएगा.
बड़े मंगल की उपासना विधि बड़े मंगल को व्रत रखकर हनुमान जी की पूजा अर्चना करनी चाहिए. हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए. बजरंग बाण का भी पाठ करना लाभकारी होता है. हनुमान जी को लाल रंग का चोला बहुत प्रिय है. बड़े मंगल पर आप उन्हें ये अर्पित कर सकते हैं. स्नान करके हनुमान जी को रोली चंदन का तिलक लगाएं. लाल वस्त्र का दान करने पर विशेष फल प्राप्त होता है.
बड़े मंगल पर न करें ये 4 गलतियां
1. बड़े मंगल के दिन रुपया-पैसा उधार देने से बचना चाहिए. ऐसा कहा जाता है कि बड़े मंगल के दिन उधार में दिया धन बड़ी मुश्किल से वापस आता है. साथ ही लोगों को आर्थिक मोर्चे पर मुश्किलों को सामना करना पड़ता है.
2. बड़े मंगलवार पर उत्तर दिशा में दिशाशूल रहने से इस दिशा में यात्रा करना अशुभ माना जाता है. इस दिन पश्चिम दिशा में यात्रा करने से भी बचना चाहिए. यदि इस दिशा में यात्रा करना बहुत ही आवश्यक है तो यात्रा पर जाने से पहले गुड़ अवश्य खाएं.

Chalisa Yog: ज्योतिष शास्त्र में चालीसा योग उस स्थिति को कहा जाता है जब दो ग्रह आपस में 40 अंश (डिग्री) की दूरी पर स्थित होते हैं. इस योग का नाम ही “चालीसा” है, क्योंकि इसका संबंध 40 अंश के अंतर से होता है. चालीसा योग का प्रभाव हर राशि पर समान नहीं होता. यह ग्रहों की स्थिति, भाव और व्यक्ति की कुंडली पर निर्भर करता है कि यह योग शुभ फल देगा या सावधानी की जरूरत पैदा करेगा.

Nikon Z5II review: एक कैमरा खरीदना चाहते हैं और अभी कैमरा यूज में प्रो नहीं हैं, तो आपको कम बजट वाला एक ऑप्शन चुनना चाहिए. ऐसे ही एक कैमरे को हमने पिछले दिनों इस्तेमाल किया है, जो शुरुआती बजट में आता है. इसका इस्तेमाल आप फोटो और वीडियो दोनों ही काम में कर सकते हैं. आइए जानते हैं Nikon Z5II की खास बातें.











