
Adar Poonawalla ब्रिटेन में करेंगे 2457 करोड़ का निवेश, वैक्सीन के लिए पहले चरण का ट्रायल भी शुरू
Zee News
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SI) के साथ ही लगभग 20 भारतीय कंपनियों ने ब्रिटेन में स्वास्थ्य सेवा, बायोटेक और सॉफ्टवेयर जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण निवेश करने की घोषणा की है.
लंदन: सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) अपने वैक्सीन कारोबार का विस्तार करने के लिए ब्रिटेन में 24 करोड़ पाउंड यानी करीब 2457 करोड़ रुपये का निवेश करेगा. SII ब्रिटेन में एक नया सेल्स ऑफिस खोलेगा, जिससे बड़ी संख्या में ब्रिटेन में रोजगार के अवसर पैदा होंगे. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक अरब पाउंड की भारत-ब्रिटेन ट्रेड प्रमोशन पार्टनरशिप के तहत यह घोषणा की, जिससे ब्रिटेन में करीब 6,500 नई नौकरियां तैयार होंगी. पुणे स्थित वैक्सीन विनिर्माता सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SI) के साथ ही लगभग 20 भारतीय कंपनियों ने ब्रिटेन में स्वास्थ्य सेवा, बायोटेक और सॉफ्टवेयर जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण निवेश करने की घोषणा की है. यह भी पता चला है कि भारत के सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) ने कोरोना वायरस (Coronavirus) की वैक्सीन के लिए ब्रिटेन में पहले चरण का परीक्षण भी शुरू कर दिया है. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोमवार को एसआईआई की योजनाओं के बारे में कहा, ‘सेल्स ऑफिस से एक अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का नया व्यापार तैयार होने की उम्मीद है, जिसमें से 20 करोड़ पाउंड ब्रिटेन में निवेश किए जाएंगे.’
Rafale vs J-20 Mighty Dragon: राफेल और चीन के J-20 माइटी ड्रैगन के बीच तुलना में स्टील्थ बनाम सेंसर शक्ति की बहस तेज है. J-20 को रडार से बचने में बढ़त मिल सकती है, जबकि राफेल इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और सेंसर फ्यूजन में मजबूत है. आधुनिक हवाई युद्ध में नेटवर्क, मिसाइल रेंज और रणनीति निर्णायक भूमिका निभाते हैं.

India AI Impact Summit: यह समिट आम लोगों के लिए खुलेगा. इसमें दिखेगा कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है. यह खेती, स्वास्थ्य, शिक्षा और डेली के समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है. Expo में 70000 वर्ग मीटर से बड़ा एरिया होगा. जिसमें 30 से अधिक देशों की 300+ कंपनियां अपने AI प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी दिखाएंगी. छात्रों के लिए YUVAi और AI for ALL जैसे प्रोग्राम होंगे.

Vibhav Anti-Tank Mines: विभव माइन को खास तौर पर मोबिलिटी किल यानी दुश्मन टैंक को पूरी तरह नष्ट करने के लिए नहीं बनाया गया है. बल्कि उसकी गति रोकने के लिए डिजाइन किया गया है. यह टैंक के ट्रैक, सस्पेंशन या ड्राइव सिस्टम को नुकसान पहुंचाकर उसे वहीं रोक देती है. इससे वह आगे बढ़ने में असमर्थ हो जाता है. इससे आसान निशाना बन जाता है.

DISC 12 Helicopter Landing System: भारत में हेलिकॉप्टर अक्सर पहाड़ी इलाकों, अग्रिम चौकियों और अस्थायी हेलिपैड पर उतरते हैं. जहां बुनियादी ढांचा बहुत कम होता है. ऐसे स्थानों पर पायलट अधिकतर दृश्य संकेतों के आधार पर लैंडिंग करते हैं. लेकिन कोहरा, धूल, बर्फबारी या खराब मौसम की स्थिति में यह तरीका जोखिम भरा हो सकता है.

Boeing P-8I Neptune Aircraft: Boeing P-8I Neptune विमानों की अतिरिक्त खरीद की जा रही है. इससे लंबी दूरी की एंटी-सबमरीन वॉरफेयर (ASW), समुद्री निगरानी और समुद्री हमले की क्षमता को मजबूत करेगी. यह विमान अमेरिकी कंपनी Boeing द्वारा बनाए जाते हैं. इन 6 विमानों के शामिल होने के बाद भारतीय नौसेना के पास कुल 18 P-8I विमान हो जाएंगे. इससे भारत, अमेरिका के बाद, इस विमान परिवार का दूसरा सबसे बड़ा ऑपरेटर बन जाएगा.








