
9 मई को रूस बनाना चाहता है यूक्रेन पर जीत का जश्न, 18 दिन में कैसे युद्ध की तस्वीर बदलेंगे पुतिन?
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रूस और यूक्रेन के बीच में भीषण युद्ध जारी है. लेकिन अब आने वाले 18 दिन इस युद्ध की तस्वीर बदल सकते हैं. व्लादिमीर पुतिन किसी बड़ी रणनीति पर काम कर रहे हैं, वे 9 मई को विक्ट्री परेड निकालने की तैयारी कर रहे हैं.
रूस और यूक्रेन के बीच में जारी युद्ध को दो महीने से ज्यादा हो चुके हैं. हार-जीत का परिणाम तय नहीं हुआ है, जमीन पर दोनों तरफ से ताबड़तोड़ हमलों का दौर भी जारी है. ऐसे में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का 9 मई को यूक्रेन पर जीत का जश्न मनाने वाला दावा क्या हवा हवाई है? क्या पुतिन ने कोई बड़ी तैयारी कर रखी है? क्या 18 दिन में रूस इस जंग की तस्वीर पूरी तरह बदल देगा?
9 मई को ऐसा क्या हुआ था?
अब जानकारी के लिए बता दें कि 9 मई को रूस हर साल विक्ट्री डे के तौर पर मनाता है. दूसरे विश्व युद्ध में 8 मई 1945 को जर्मनी की सेना ने सोवियत सेना के आगे घुटने टेक दिए थे. तब तक रूस में 9 तारीख हो चुकी थी. तभी से 9 मई को मॉस्को में विक्ट्री डे परेड होती है. इस बार पुतिन चाहते हैं कि वो 9 मई की विक्ट्री डे परेड को यूक्रेन में जीत के साथ और भव्य बनाएं.
वो मिसाइल जो बनेगी रूस की बड़ी ताकत
अब रूस ऐसा कैसे करेगा, इस पर अभी कुछ भी स्पष्ट तौर पर नहीं कहा जा रहा है. लेकिन बुधवार को रूस द्वारा सरमत मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया है. पूरी दूनिया इसके परीक्षण से दहल उठी है. इस मिसाइल में ऐसी ताकत है कि ये पल भर में कई शहरों को खाक कर सकती है. रूसी मीडिया के मुताबिक 3 फेज वाली तरल-ईंधन की ताकत से उड़ान भरने वाली ये मिसाइल 18 हजार किलोमीटर की दूरी तय करती है. 35 मीटर से भी लंबी ये मिसाइल एक साथ 10 बड़े न्यूक्लियर वॉरहेड के अलावा 16 छोटे वॉरहेड ले जा सकती है. इसके न्यूक्लियर वारहेड में जापान के हिरोशिमा और नागासाकी में गिराए गए एटम बम से 1000 गुना से भी ज्यादा ताकत है.
पुतिन ने क्या चेतावनी दी है?

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