
61% वोटिंग के साथ जम्मू-कश्मीर में दिखा जोश... जानिए क्या कहता है पहले फेज का वोटिंग ट्रेंड
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जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 24 सीटों पर 61 फीसदी मतदान हुआ है. 10 साल पहले हुए विधानसभा चुनाव में भी करीब-करीब इतना ही मतदान हुआ था. जम्मू कश्मीर का ये वोटिंग ट्रेंड क्या कहता है?
केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में पहली बार हो रहे विधानसभा चुनाव के पहले चरण में बुधवार को 24 सीटों पर मतदान हुआ. जम्मू -कश्मीर में अंतिम चुनाव 2014 में हुआ था और तब यह राज्य हुआ करता था. 10 साल बाद हो रहे विधानसभा चुनाव में अपनी सरकार चुनने के लिए जम्मू कश्मीर की अवाम का जोश हाई नजर आ रहा है.
पहले चरण की 24 सीटों पर 61 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का उपयोग किया जो 2014 में हुई वोटिंग के लगभग बराबर है. 2014 में इन सीटों पर 61.3 फीसदी वोट पड़े थे. यह आंकड़ा जम्मू कश्मीर के पिछले सात विधानसभा चुनावों में सबसे ज्यादा है. वोटिंग के ये आंकड़े अंतिम नहीं हैं और दूर-दराज के इलाकों और पोस्टल बैलट से हुई वोटिंग के आंकड़े आने के बाद इसमें बदलाव हो सकता है.
कहां हुई कितनी वोटिंग?
चुनाव आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक किश्तवाड़ जिले में सबसे अधिक 77 फीसदी वोटिंग हुई है जबकि सबसे कम 46 फीसदी वोट पुलवामा में पड़े. खंड के नजरिये से देखें तो इंदरवाल खंड में टर्नआउट 80 फीसदी रहा जो 2014 चुनाव के 75.72 फीसदी से करीब चार फीसदी अधिक है. दूसरे नंबर पर 75.04 फीसदी के साथ किश्तवाड़ खंड रहा जहां टर्नआउट में 2014 के 78.23 फीसदी के मुकाबले करीब तीन फीसदी की गिरावट आई है. शांगस-अनंतनाग खंड में 2014 के मुकाबले इस बार करीब 16 फीसदी की गिरावट देखने को मिली.
साल 2014 के चुनाव शांगस-अनंतनाग खंड में 68.78 फीसदी लोगों ने मतदान किया था, इस बार टर्नआउट 52.94 फीसदी ही रहा. इसी तरह दमहाल हंजीपुरा खंड में 2014 के 80.92 फीसदी के मुकाबले 68 फीसदी, डोडा और डोडा पश्चिम खंड में 70.21 और 74.14 फीसदी मतदान हुआ. 2014 में इन खंडों में 79.51 फीसदी मतदान हुआ था. अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित कोकरनाग में 2014 के मुकाबले सात फीसदी से अधिक की गिरावट के साथ टर्नआउट 58 फीसदी रहा. घाटी की सीटों पर करीब 54 फीसदी वोटिंग हुई जो 2014 के टर्नआउट के लगभग बराबर ही है.
क्या कहता है वोटिंग ट्रेंड?

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