
50 लड़कियों की टीम, होटल में कमरा और मेकअप किट... भारतीय सैनिकों को हनीट्रैप करने का PAK प्लान
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भारतीय सुरक्षा बलों को टारगेट करने के लिए पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी महिला ब्रिगेड का सहारा ले रही है. जवानों को इन लड़कियों के जरिए हनीट्रैप किया जाता है. पाकिस्तान ने ऐसी 50 लड़कियों की टीम बनाई हुई है.
पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI के जरिए भारतीय सुरक्षा बल के जवानों को टारगेट कर रही है. इसके लिए एक महिला ब्रिगेड तक तैयार की गई है, जिसमें 50 से ज्यादा लड़कियां शामिल हैं. इसको लेकर भारतीय खुफिया एजेंसी ने अलर्ट जारी किया है. आर्मी और BSF कर्मियों को भारतीय खुफिया एजेंसी ने सतर्क रहने को कहा है. भारतीय खुफिया एजेंसी ने कहा है कि किसी अनजान का सोशल मीडिया पर फ्रेंड रिक्वेस्ट एसेप्ट ना करें.
जानकारी मिली है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने भारतीय आर्मी जवानों को फंसाने के लिए हनीट्रैप के 10 मॉड्यूल तैयार किये हैं जिनमें 50 से ज्यादा लड़कियां हैं. जिस तरह आर्मी में ट्रेनिंग होती है, उसी तरह पाकिस्तान इन लड़कियों को हनीट्रैप के लिए ट्रेनिंग दे रहा है.
इंटेलिजेंस से जुड़े सीनियर अधिकारी ने आजतक को बताया कि ये ट्रेनिंग पाकिस्तान सेना की इंटेलिजेंस यूनिट 412 सिंध के हैदराबाद से हो रही है. इस मॉड्यूल के निशाने पर राजस्थान व गुजरात बॉर्डर के सैन्य ठिकानों पर तैनात भारतीय सेना के जवान हैं. सूत्रों के मुताबिक पाकिस्तान की ये महिला एजेंट पाकिस्तानी सेना के ब्रिगेडियर और कैप्टन रैंक के अफसर के अधीन काम कर रही हैं.
सूत्रों के मुताबिक, महिला ब्रिगेड को हायर करने के बाद पाकिस्तान इंटेलिजेंस आपरेटिव ट्रेनिंग दी जाती है. ट्रेनिंग के बाद इन लड़कियों को होटलों में रूम बुक करवाकर मेकअप किट दी जाती है. साथ ही इन्हें रिया, खुशी, कल्पना, नीतू, गितु, अवनी, मुस्कान व हरलीन जैसे भारतीय नाम देकर पहचान दी जाती है.
भारतीय जवानों को कैसे किया जा रहा हनीट्रैप
- पाकिस्तानी हनीट्रैप आर्मी की एजेंट ये लड़कियां सबसे पहले सोशल मीडिया पर फर्जी ID बनाकर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजती हैं. - रिक्वेस्ट एक्सेप्ट होने के बाद प्यार भरी और बातें करती हैं. - दोस्ती होने के बाद वे टारगेट को शादी का झांसा भी देती हैं. - -टारगेट को फंसाने के लिए ये लड़कियां कुछ भी करने के लिए तैयार रहती हैं. टारगेट इनके कहने पर देश की सुरक्षा से जुड़े सीक्रेट डॉक्यूमेंट भी शेयर करने के लिए तैयार हो जाता है. - खुफिया एजेन्सी की मानें तो सबसे खास बात ये है कि जिस आपसी चैट को जवान ये समझता है वो उसके दो लोगों के बीच का मसला है, उसे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI रिकॉर्ड कर लेती है. - फिर इन जवानों को ब्लैकमेल किया जाता है. यानी जो मांगा जाए उसे देने से अगर इनकार किया तो चैट और वीडियो को पब्लिक करने की धमकी मिलना शुरू हो जाती है.

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