
2014 से 2022 तक चुनाव दर चुनाव जीत... UP की सियासत में सुनील बंसल होने के मायने
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सुनील बंसल (Sunil Bansal) का पिछले दिनों BJP में प्रमोशन हुआ है. उनको राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है. पिछले आठ सालों में सुनील बंसल ने यूपी में ऐसे कार्यकर्ताओं को एकजुट किया जिनके बूते पार्टी 2014 से लेकर 2022 तक चुनाव दर चुनाव जीत दर्ज करती रही.
सुनील बंसल को भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में राष्ट्रीय महामंत्री बना दिया गया है. यूपी के कार्यकर्ता इस बात से खुश जरूर है कि अब सुनील बंसल का कद राष्ट्रीय हो गया उनकी दृष्टि राष्ट्रीय रहेगी लेकिन थोड़ा गम भी है. वजह भी साफ है कि 8 सालों में कार्यकर्ताओं को जो मिला वह पिछले 70 सालों में कभी नहीं मिला. इन 8 सालों में कार्यकर्ता जीत के लिए जी-तोड़ मेहनत करते रहे और बंसल उन्हें झोली भरकर सम्मान पद और प्रतिष्ठा दिलाते रहे.
आजतक डॉट इन ने जब सुनील बंसल से यह पूछा कि यूपी में बिताए इन 8 सालों को आप कैसे देखते हैं तो उन्होंने कहा "इन आठ सालों में मैंने पूरी ज़िंदगी जी ली".
राष्ट्रीय महामंत्री बनाए जाने के बाद जब दिल्ली से सुनील बंसल लखनऊ लौटे तो मिलने वाले कार्यकर्ताओं का रेला रुकने का नाम ही नहीं ले रहा था. हर कार्यकर्ता सुनील बंसल से मिलकर अपनी भावनाओं के चंद शब्द जरूर बोल दे रहा है और ये महज विदाई की औपचारिकता के शब्द नहीं बल्कि उनकी भावनाएं हैं.
विरोधी भी सुनील बंसल के कायल
सुनील बंसल के कायल तो उनके विरोधी भी हैं जैसे ही सुनील बंसल को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया उन्हें बंगाल तेलंगाना और ओडिशा का प्रभार दिया गया और यह तय हो गया कि अब सुनील बंसल उत्तर प्रदेश से विदाई ले रहे हैं तो कांग्रेस पार्टी की तरफ से भी ट्वीट कर यह कहा गया कि सुनील बंसल के साथ उत्तर प्रदेश में बीजेपी आई थी और सुनील बंसल के विदाई के साथ ही बीजेपी की विदाई भी हो जाएगी.
अगर सुनील बंसल के 8 सालों के काम पर नजर डाली जाए तो उन्होंने संगठन महामंत्री रहते हुए कार्यकर्ताओं से जमकर काम लिए और उन्हें इनाम भी खूब बांटा. 2014 से लेकर 2022 तक इन्हीं कार्यकर्ताओं के बूते चुनाव दर चुनाव बीजेपी जीतती रही.

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