
2009 का फॉर्मूला, 25 सीटों पर दावा... यूपी में सीट बंटवारे को लेकर सपा से शुरू हुई कांग्रेस की बातचीत
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80 लोकसभा सीटों वाले यूपी में सीट शेयरिंग को लेकर कांग्रेस और सपा के बीच बातचीत शुरू हो गई है. यूपी कांग्रेस ने सीट शेयरिंग के लिए 2009 के फॉर्मूले की बात करते हुए कहा है कि 30 से कम सीटों पर बातचीत नहीं होगी.
लोकसभा चुनाव अब कुछ ही महीने दूर हैं और विपक्षी खेमे में सीट शेयरिंग को लेकर मंथन का दौर तेज हो गया है. सबकी नजरें उत्तर प्रदेश पर हैं. 80 लोकसभा सीटों वाले उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बीच सीटों का बंटवारा कैसे होगा? नजरें इस पर भी हैं. पहले ऐसी खबरें थीं कि यूपी कांग्रेस सूबे की 40 सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए दावेदारी कर रही है लेकिन पार्टी के तेवर अब कुछ नरम पड़ते नजर आ रहे हैं.
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अब खबर है कि कांग्रेस यूपी की 80 में से 25 सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए दावेदारी करेगी. कांग्रेस के सूत्रों के मुताबिक पार्टी ने उन संभावित सीटों को चिह्नित कर लिया है जहां पार्टी की स्थिति मजबूत है और वह चुनाव जीत सकती है. कांग्रेस सूत्रों की मानें तो पार्टी की प्रदेश इकाई ने सूबे की ऐसी 25 से अधिक लोकसभा सीटों को चिह्नित कर लिया है.
कांग्रेस ने सपा के साथ सीट शेयरिंग को लेकर बातचीत के लिए भी फ्रेमवर्क कर लिया है. यूपी कांग्रेस के नेतृत्व के मुताबिक सपा से 30 सीटों से कम पर बात नहीं होगी. हालांकि, कांग्रेस के शीर्ष नेता 25 सीटों को लेकर बात करने की बात कह रहे हैं. प्रदेश नेतृत्व का साफ कहना है कि कांग्रेस पार्टी 2009 के 23 सीटों के फार्मूले को आगे रख रही है. इसके नीचे आने का सवाल ही नहीं है.
कांग्रेस की तैयारियां भी इसी दिशा में बढ़ती नजर आ रही हैं. 14 जनवरी को मणिपुर से शुरू होने वाली भारत जोड़ो न्याय यात्रा का रूट देखें तो उस पर भी यूपी कांग्रेस के सीट शेयरिंग फॉर्मूले की छाप नजर आ रही है. राहुल गांधी की यह यात्रा यूपी में 11 दिन रहेगी और सूबे के 20 जिलों से होकर गुजरेगी. इन जिलों के जरिए कांग्रेस की नजर करीब दो दर्जन लोकसभा सीटें साधने पर है.
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