
2-3 दिन पहले मिली चेतावनी फिर भी इजरायल का हमला क्यों नहीं रोक पाया ईरान?
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इज़राइल ने नतांज पर हमला किया. 2-3 दिन पहले चेतावनी दी गई थी. ईरान की एस-300 और बवर-373 वायु रक्षा प्रणाली, स्टील्थ F-35 और साइबर हमलों के आगे विफल रहीं. तैयारी की कमी और तकनीकी खामियों ने उसे कमजोर किया. बदला लेने की धमकी दी गई है.
मध्य पूर्व में ईरान और इज़राइल के बीच तनाव चरम पर है. इज़राइल ने ईरान के नतांज परमाणु संयंत्र और अन्य सैन्य ठिकानों पर हमला किया, जिसके बारे में ईरान को 2-3 दिन पहले चेतावनी मिली थी. फिर भी, ईरान अपने हवाई रक्षा प्रणाली के बावजूद इस हमले को रोकने में नाकाम रहा. आइए ईरान की वायु रक्षा प्रणाली, इज़राइल की हमले की रणनीति इस असफलता के कारणों को समझते हैं.
ईरान की वायु रक्षा प्रणाली: क्या है और कैसे काम करती है?
ईरान ने अपनी हवाई रक्षा को मजबूत करने के लिए कई उन्नत प्रणालियां विकसित की हैं, जो दुश्मन के हवाई हमलों से बचाव के लिए बनाई गई हैं. इनमें शामिल हैं...
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एस-300 (S-300): यह रूस से खरीदा गया एक लंबी दूरी की वायु रक्षा प्रणाली है, जो 150 किलोमीटर तक के लक्ष्यों को निशाना बना सकती है. यह हाई-एल्टीट्यूड (ऊंचाई पर उड़ने वाले) विमानों, मिसाइलों और ड्रोन को रोकने में सक्षम है. ईरान के पास लगभग 4-6 एस-300 बैटरी हैं, जो प्रमुख शहरों और सैन्य ठिकानों की रक्षा करती हैं.

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