
16 साल, तीन कत्ल और एक कातिल... DNA टेस्ट ने खोला एक शातिर का राज, रेप के बाद करता था मर्डर
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नेहा मर्डर केस को अब लोग भुला चुके थे. पुलिस तफ्तीश करते-करते थक चुकी थी, केस बंद हो चुका था. लेकिन नेहा मर्डर केस के पूरे 12 साल बाद चंडीगढ़ में वैसी ही एक और वारदात हुई. इस बार एक चंडीगढ़ के ही मलोया के जंगलों में 40 साल की एक महिला की लाश मिली. ये लाश भी बगैर कपड़ों के थी.
एक के बाद एक तीन लड़कियों का कत्ल होता है. कत्ल से पहले उन लड़कियों के साथ बलात्कार किया जाता है. पुलिस तीनों मामलों की तफ्तीश शुरू करती है. तीनों ही मामलों की जांच अलग-अलग एंगल से की जाती है. क्योंकि पुलिस को लगता था कि तीनों ही मामले अलग-अलग हैं और कातिल भी. और इसी वजह से आठ सौ लोग शक के घेरे में आ जाते हैं. जिनमें से 100 लोगों का डीएनए भी होता है. और आखिरकार उस बलात्कारी कातिल का चेहरा सामने आ जाता है. और इस तरह होता है एक सनसनीखेज खुलासा.
30 जुलाई 2010, चंडीगढ़ इस कहानी की शुरुआत आज से करीब 14 साल पहले हुई, जब सिटी ब्यूटीफूल यानी चंडीगढ़ में एक दहलाने वाली वारदात ने हर किसी को बेचैन कर दिया. हुआ यूं कि सेक्टर 38 की रहने वाली 21 साल की एमबीए स्टूडेंट नेहा अहलावत शाम को अपने घर से कोचिंग के लिए निकली थी. आम तौर पर वो रात के 9 बजे तक घर वापस लौट आती थी, लेकिन इस रोज़ ना तो वो वापस लौटी और ना ही उसका फोन लग रहा था. बल्कि नेहा का मोबाइल फोन रहस्यमयी तरीके से स्विच्ड ऑफ हो चुका था. इस पर घरवालों ने पहले अपने तौर पर नेहा के बारे में पता करने की कोशिश की, कोचिंग इंस्टीट्यूट में बात की, लेकिन जब उसका कोई पता नहीं चला तो वो आधी रात को सेक्टर 39 के पुलिस स्टेशन में पहुंचे और अपनी बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवा दी.
झाड़ियों में मिली खून से लथपथ नग्न लाश परिवार ने रिपोर्ट तो लिखवा दी, लेकिन अपने तौर पर नेहा को ढूंढने की कोशिश जारी रखी. और फिर इसके कुछ ही देर बाद उन्हें जोर का झटका लगा, जब सेक्टर 38 के करन टैक्सी स्टैंड के पास उन्हें अपनी बेटी की स्कूटी दिखाई थी. डराने वाली बात ये थी कि स्कूटी पर खून के छींटे लगे थे. अब घरवालों ने आसपास के पूरे इलाके में और भी बेसब्री से नेहा की तलाश आगे बढ़ाई और तब घरवालों वो मंजर दिख गया, जो कोई भी देखना पसंद नहीं करता. टैक्सी स्टैंड से थोड़ी दूर झाड़ियों में नेहा की लाश पड़ी थी. खून से लथपथ और बिना कपड़ों के.
दरिंदगी की गवाही दे रहे थे जख्म घरवाले नेहा को उसी हालत में उठा कर सीधे पीजीआई लेकर पहुंचे कि शायद कोई करिश्मा हो जाए. लेकिन डॉक्टरों ने नेहा को ब्रॉट डेड करार दिया. यानी अस्पताल लाए जाने से पहले ही उसकी जान जा चुकी थी. नेहा के सिर पर किसी भारी चीज़ से वार किए जाने के निशान तो थे ही, शरीर पर गला घोंटे जाने के निशान भी थे और निजी अंगों से ज्यादती और छेड़छाड़ के सबूत साफ-साफ नजर आ रहे थे. यानी पहली ही नजर में ये मामला रेप कम मर्डर का लग रहा था.
पुलिस ने दाखिल की अनट्रेस्ड रिपोर्ट मामला संगीन था. लिहाजा पुलिस ने भी फौरन मामले की जांच शुरू कर दी. नेहा के शरीर पर मिले दरिंदे के डीएनए सैंपल कलेक्ट कर लिए गए और जांच आगे बढ़ाई गई. लेकिन वक़्त गुज़रता रहा. दिन, महीने, साल निकलते रहे, लेकिन नेहा के गुनहगार का कोई पता नहीं चला. और फिर एक वक़्त ऐसा भी आया जब चंडीगढ़ पुलिस ने इस हाई प्रोफाइल मामले की जांच को लेकर अपने हाथ खड़े कर दिए. और आखिरकार दस सालों के बीच पुलिस ने अदालत में इस केस को लेकर अनट्रेस्ड रिपोर्ट दाखिल कर दी.
12 जनवरी 2022, सुबह 11 बजे, मलोया जंगल, चंडीगढ़ नेहा मर्डर केस को अब लोग भुला चुके थे. पुलिस तफ्तीश करते-करते थक चुकी थी, केस बंद हो चुका था. लेकिन नेहा मर्डर केस के पूरे 12 साल बाद चंडीगढ़ में वैसी ही एक और वारदात हुई. इस बार एक चंडीगढ़ के ही मलोया के जंगलों में 40 साल की एक महिला की लाश मिली. ये लाश भी बगैर कपड़ों के थी. कातिल ने पूरे जिस्म को और खासकर महिला के निजी अंगों को बुरी तरह से जख्मी कर रखा था. उसके हाथ-पांव बंधे हुए थे और मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था.

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