
100KM दूर तक की हरकतों पर नजर, 23 होटलों पर 24 घंटे पहरा... आज भारत पहुंचेंगे 20 मुल्कों के नेता, ऐसी हैं तैयारी
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भारत की मेजबानी में दिल्ली में नौ और दस सितंबर को G20 सम्मेलन होने जा रहा है. इसके लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. दिल्ली पुलिस, पैरामिलिट्री फोर्स, एनएसजी, सीआरपीएफ, आईबी और रॉ से लेकर ब्रिटेन की एमआई6, रूस के केजीबी, अमेरिका की सीआईए और इजरायल की मोसाद जैसी इंटरनेशनल एजेंसियां भी सुरक्षा में मुस्तैद हैं.
भारत की मेजबानी में नई दिल्ली में G20 के 18वें शिखर सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है. 80 के दशक के बाद यह पहला मौका होगा, जब दो दिनों तक दुनिया के बीस सबसे ताकतवर मुल्कों के नेता एक छत के नीचे होंगे. ऐसे में सुरक्षा के मद्देनजर पूरी दिल्ली को हाई अलर्ट मोड पर रख दिया गया है. दिल्ली के 35 किलोमीटर के इंच-इंच इलाके में एक साथ 50,000 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है.
G20 जैसी हाई लेवल मीटिंग को लेकर चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है. दिल्ली पुलिस के पजास हजार जवानों से लेकर, पैरामिलिट्री फोर्स, एनएसजी और सीआरपीएफ के कमांडो तक तैनात किए गए हैं. गगनचुंबी इमारतों पर एंटी एयरक्राफ्ट गनें मुस्तैद की गई हैं. हर हरकतों पर नजर रखने के लिए 40,000 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. इतना ही नहीं चेहरा पढ़ने वाले 'फेस रिकगनिशन'कैमरे जैसी उच्च तकनीक तक का इस्तेमाल किया जा रहा है.
यह उच्चस्तरीय सम्मेलन प्रगति मैदान के भारत मंडपम में होगा. ऐसे में प्रगति मैदान के नीचे टनल में खोजी कुत्तों के साथ कमांडोज को तैनात किया गया है. दिल्ली-एनसीआर के 23 पांच सितारा होटलों की 24 घंटे निगरानी के लिए कमर कस ली गई है. सुरक्षा की दृष्टि से इन 23 होटलों के ऊपर नो फ्लाई जोन घोषित किया गया है. इतना ही नहीं बायो वेपन से लेकर केमिकल वेपन से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है.
होटल के भीतर हथियारों का गोदाम
यह शायद पहला मौका होगा, जब भारत में एक साथ बड़े-बड़े देशों के नेता इकट्ठा होंगे. ऐसे में किसी भी तरह के संभावित हमले के दौरान पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को हथियारों की कमी नहीं पड़ जाए. इसके लिए होटल के भीतर हथियारों से भरा गोदाम बनाया गया है. सुरक्षा एजेंसियों को तमाम आधुनिक हथियार मुहैया कराए गए हैं. जिन हथियारों का इस्तेमाल जवान कर रहे हैं, उनके लिए मैगजीन स्मोक ग्रेनेड से लेकर कम्युनिकेशन के लिए वायरलेस सेट के साथ-साथ चार्जर का भी इंतजाम किया गया है.
प्रगति मैदान से लेकर प्रधानमंत्री आवास तक के पूरे क्षेत्री को नो फ्लाइंग जोन के तौर पर चिह्नित किया गया है. जगह-जगह एंटी ड्रोन सिस्टम भी लगाए गए हैं.

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