
100 KM/घंटे की रफ्तार से दौड़ रही थी ट्रेन, तभी ड्राइवर को ट्रैक पर दिखा मासूम, फिर...
AajTak
मासूम और मौत के बीच बस चंद सेकेंड का ही फासला था. लेकिन तभी ट्रेन के ड्राइवर ने बड़ी ही सूझबूझ से ऐसा काम किया जिसने सभी का दिल जीत लिया. लोग उसकी तारीफ कर रहे हैं. फिलहाल, मासूम एकदम सेफ है.
एक ट्रेन ड्राइवर उस वक्त सन्न रह गया जब उसे ट्रैक के ठीक बगल में एक मासूम टहलता दिखाई दिया. ट्रेन 100 किलोमीटर/घंटे से अधिक की रफ्तार से उसकी ओर बढ़ रही थी. मासूम और मौत के बीच बस चंद सेकेंड का ही फासला था. लेकिन तभी ड्राइवर ने बड़ी ही सूझबूझ से ऐसा काम किया जिसने सभी का दिल जीत लिया. मामला अमेरिका के न्यूयॉर्क का है.
मिरर यूके की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रेन टैरीटाउन रेलवे स्टेशन से गुजर रही थी. उसकी स्पीड करीब 112 किलोमीटर/घंटे थे. इसी दौरान ट्रैक के पास में एक तीन साल का मासूम टहल रहा था. जैसे ही ट्रेन के ड्राइवर (को पायलट) की नजर उस पर पड़ी वो चौंक गया.
ड्राइवर ने फौरन इमरजेंसी ब्रेक लगाने का निर्णय लिया. वो बड़ी सूझबूझ से ट्रेन को बच्चे से चंद मीटर के फासले पर रोकने में कामयाब हो गया. एक्सपर्ट ने बताया कि अगर ड्राइवर ने ब्रेक मारने में समझदारी ना दिखाई होती तो हादसा भी हो सकता था. ये पूरी घटना पास में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई.
ट्रेन से उतरकर बच्चे को किया रेस्क्यू
ट्रेन रोकने के बाद ड्राइवर नीचे उतरा और फिर बच्चे को गोद में उठाकर अपनी सीट पर लेकर आया. उसने बच्चे को पानी पिलाया और फिर स्थानीय प्रशासन को सूचित कर उसे उसके पैरेंट्स से मिलवाने में मदद की. लोग ड्राइवर के इस काम की तारीफ कर रहे हैं.
बताया गया कि बच्चा अकेला था और ट्रैक पर टहल रहा था. समय रहते उसे बचा लिया गया, नहीं तो वह ट्रेन या फिर इलेक्ट्रिक तारों की चपेट में आकर जान गंवा देता. घटना के वक्त बच्चा कुछ भी बोल पाने में असमर्थ था.

ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले को लेकर मचे घमासान के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कल मीडिया के सामने आकर युद्ध को लेकर कई बड़ी बातें कहीं नेतन्याहू ने ईरान के साथ संघर्ष में अमेरिका को घसीटने की फर्जी खबरों का खंडन किया. कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति हमेशा वही निर्णय लेते हैं जो उन्हें अमेरिका के हित में लगता है. उन्होंने ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के दौरान इजरायल और अमेरिका के तालमेल की भी प्रशंसा की.

जिस ईरान को बर्बाद करने के लिए अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप निकले थे. अब लगता है कि उनका पैर उसी ईरान के 'तेल' पर फिसल गया है. और इसलिए वो एक बार फिर पूरी दुनिया को 'चौंकाने' वाला फैसला ले सकते हैं. और ये फैसला ईरान के तेल की Sale से जुड़ा है. ईरान को पूरी तरह से अलग-थलग करने और हर चीज के लिए 'मोहताज' बनाने की कोशिश करने वाले ट्रंप अब खुद ईरान के तेल से प्रतिबंध हटा सकते हैं. और तेल की Sale करने की अनुमति दे सकते हैं? अब सवाल ये है कि जब ट्रंप खुद ईरान के तेल की बिक्री के लिए तैयार हैं, तो वो ईरान से युद्ध क्यों लड़ रहे हैं? क्या वाकई ईरान ने ट्रंप को ऐसा करने के लिए मजबूर कर दिया है, या ट्रंप अपने ही फैसलों की फांस में फंस चुके हैं?











