
हो जाइये तैयार: 15 अगस्त को आ रही है 5-डोर Mahindra Thar! जानिए क्या होगा ख़ास
AajTak
Mahindra Thar अपने सेग्मेंट में सबसे मशहूर ऑफरोडिंग SUV में से एक है. अब इसके 5-डोर वर्जन को लॉन्च करने की तैयारी है, जिसे देश में अलग-अलग मौकों पर कई बार टेस्टिंग के दौरान देखा गया है. बाजार में ये एसयूवी मुख्य रूप से Maruti Jimny को टक्कर देगी.
Mahindra Thar के फाइव डोर वर्जन का इंतजार करने वालों के लिए अच्छी ख़बर है. कंपनी इस साल स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के मौके पर अपने इस ऑफरोडिंग एसयूवी के 5-डोर वर्जन को पेश करने की तैयारी में है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फिलहाल इसे केवल प्रदर्शित मात्र किया जाएगा. ये दिन महिंद्रा के लिए बेहद ही ख़ास है महिंद्रा ने 15 अगस्त 2020 को थार के लेटेस्ट जेनरेशन मॉडल से पर्दा उठाया था. कंपनी इस एसयूवी को एक ग्लोबल इवेंट के दौरान साउथ अफ्रीका में पेश करेगी, पिछली बार ये इवेंट यूके में आयोजित किया गया था.
भारत के अलावा साउथ अफ्रीका भी महिंद्रा के लिए बेहद ही महत्वपूर्ण बाजार है. कंपनी साउथ अफ्रीका के मार्केट में साल 1996 से वाहनों की बिक्री कर रही है, बताया जा रहा है कि आने वाले समय में कुछ और मॉडल जैसे एक्सयूवी 300, एक्सयूवी 700 और स्कॉर्पियो-एन को भी वहां पर पेश किए जाने की योजना है. हालांकि भारत में Mahindra Thar 5-Door की बिक्री के लिए ग्राहकों को थोड़ा इंतजार करना होगा.
देश भर में महिंद्रा थार के फैंस के बीच एक ऐसा वर्ग भी है जो कि इसके 5-डोर वेरिएंट के लॉन्च होने का इंतजार कर रहा है. बीते दिनों जब Maruti Jimny के 5-डोर वेरिएंट को भारत में लॉन्च किया गया था, उसी वक्त महिंद्रा की तरफ से एक बयान आया कि, कंपनी अपने Thar 5-Door को अगले साल यानी 2024 तक भारत में बिक्री के लिए लॉन्च करेगी.
Mahindra Thar 5-Door में क्या होगा ख़ास:
सबसे पहली बात ये कि, इसमें 5 दरवाजे दिए जाएंगे जो कि मौजूदा मॉडल के मुकाबले SUV में एंट्री और एक्जिट को और भी सुगम बनाएंगे. साथ ही ये साइज में ज्यादा बड़ी होगी, जिससे आपको केबिन के भीतर बेहतर स्पेस मिलेगा. इसमें 5 लोगों के बैठने की व्यवस्था मिलेगी. इसे कंपनी 2.2 लीटर डीजल और 2.0 लीटर टर्बो पेट्रोल इंजन के साथ पेश करेगी. इसी इंजन का इस्तेमाल मौजूदा मॉडल में भी किया जाएगा.
मिलेंगे ये ख़ास फीचर्स:

आज पूरी दुनिया LNG पर निर्भर है. खासकर भारत जैसे देश, जहां घरेलू गैस प्रोडक्शन कम है, वहां LNG आयात बेहद जरूरी है. लेकिन जैसे ही युद्ध या हमला होता है, सप्लाई चेन टूट जाती है और गैस की कीमतें तेजी से बढ़ जाती हैं. कतर जैसे देशों से निकलकर हजारों किलोमीटर दूर पहुंचने तक यह गैस कई तकनीकी प्रोसेस और जोखिम भरे रास्तों से गुजरती है.












