
हूती विद्रोदियों ने लाल सागर और हिंद महासागर में अमेरिकी जहाजों को बनाया निशाना
AajTak
हूती विद्रोहियों ने दावा किया कि उन्होंने लाल सागर और हिंद महासागर में एक अमेरिकी विमानवाहक पोत, एक युद्धपोत समेत और तीन जहाजों को निशाना बनाया. ईरान समर्थित ग्रुप के सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने शनिवार को यह जानकारी दी है.
ईरानी समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों ने दावा किया कि उन्होंने लाल सागर और हिंद महासागर में एक अमेरिकी विमानवाहक पोत, एक युद्धपोत समेत और तीन जहाजों को निशाना बनाकर छह ऑपरेशन चलाए. ईरान समर्थित ग्रुप के सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने शनिवार को यह जानकारी दी है.
याह्या ने कहा कि हमारे ग्रुप ने लाल सागर के उत्तर में अमेरिकी विमानवाहक पोत आइजनहावर को कई मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया. उन्होंने कहा कि पिछले 24 घंटे के दौरान ये हमारा दूसरा हमला था.
हूती विद्रोहियों के ड्रोन और मिसाइल हमलों का मकसद बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य और अदन की खाड़ी है. इसके कारण नवंबर से ही मालवाहक जहाजों को दक्षिण अफ्रीका के आसपास लंबी और अधिक महंगी यात्राएं करनी पड़ रही हैं.
प्रवक्ता ने यह भी कहा कि अन्य अभियानों में लाल सागर में एक अमेरिकी युद्धपोत और ABLIANI जहाज को निशाना बनाया गया है. साथ ही MAINA जहाज को भी निशाना बनाया गया है. इस जहाज पर लाल सागर और अरब सागर में दो बार निशाना बनाया गया है. इसके साथ ही हिंद महासागर में अलोराईक जहाज को भी हमला किया है. हूती मिलिशिया ने कहा कि वह गाजा में इजरायल से लड़ रहे फिलिस्तीनियों के समर्थन में लाल सागर और अरब सागर में मालवाहक जहाजों पर हमला कर रहा है.

ईरान की धमकियों के जवाब में अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपने कई सहयोगियों के साथ सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू किया है. यह युद्धाभ्यास US एयर फोर्सेज सेंट्रल (AFCENT) द्वारा आयोजित किया गया है, जो कई दिनों तक चलेगा. इस युद्धाभ्यास की घोषणा 27 जनवरी को हुई थी और यह अभी भी जारी है. माना जा रहा है कि यह अभ्यास अगले दो से तीन दिनों तक चलेगा. इस प्रयास का मकसद क्षेत्र में तनाव के बीच सैन्य तैयारियों को बढ़ाना और सहयोगियों के साथ सामरिक तालमेल को मजबूत करना है.

कोलंबिया और वेनेज़ुएला की सीमा के पास एक जेट विमान अचानक लापता हो गया. यह विमान फ्लाइट नंबर NSE 8849 थी जो कुकुटा से ओकाना की ओर जा रही थी. इस विमान ने सुबह 11 बजकर 42 मिनट पर उड़ान भरी थी लेकिन लैंडिंग से पहले ही एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क टूट गया. राडार से इस विमान का अचानक गायब होना चिंता का विषय है.

वेनेजुएला में मिली बड़ी कामयाबी के बाद अब डॉनल्ड ट्रंप का आत्मविश्वास आसमान छू रहा है। कूटनीति के गलियारों में चर्चा है कि ट्रंप के मुंह 'खून लग गया है' और अब उनकी नज़रें क्यूबा और ईरान पर टिक गई हैं... और अब वो कह रहे हैं- ये दिल मांगे मोर...। ट्रंप की रणनीति अब सिर्फ दबाव तक सीमित नहीं है, बल्कि वे सीधे सत्ता परिवर्तन के खेल में उतर चुके हैं। क्या क्यूबा और ईरान ट्रंप की इस 'मोमेंटम' वाली कूटनीति का मुकाबला कर पाएंगे?










