
'हालत बहुत खराब है, जल्दी निकालो...', जानें अधिकारी से क्या बोले 160 घंटे से सुरंग में फंसे मजदूर?
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नोडल अधिकारी अरुण मिश्रा ने सुरंग में फंसे व्यक्ति से कहा कि घर वाले आवाज सुनना चाहते हैं, क्या कुछ कहना चाहते हो, तो अंदर से आवाज आई कि खाना-पानी तो मिल रहा है, लेकिन धीरे-धीरे हालत खराब होती जा रहा है. बहुत हालत खराब है, जल्दी बाहर निकालो.
उत्तरकाशी में सिलक्यारा सुरंग में पिछले 7 दिन से 41 लोग फंसे हुए हैं. इसमें यूपी के 3 जिलों के 8 मजदूर भी हैं. इनका हाल जानने यूपी सरकार के नोडल अधिकारी शनिवार को सुरंग के पास पहुंचे. नोडल अधिकारी ने सुरंग में फंसे एक मजदूर से बात कर ये जानने की कोशिश की कि वह अंदर किन हालातों में रह रहे हैं.
जब नोडल अधिकारी अरुण मिश्रा ने सुरंग में फंसे व्यक्ति से कहा कि घर वाले आवाज सुनना चाहते हैं, क्या कुछ कहना चाहते हो, तो अंदर से आवाज आई कि खाना-पानी तो मिल रहा है, लेकिन धीरे-धीरे हालत खराब होती जा रहा है. बहुत हालत खराब है, जल्दी बाहर निकालो.
वहीं सुरंग में फंसे मजदूरों के साथी मृत्युंजय कुमार ने कहा कि सोनू कुमार सुरंग के अंदर हैं, जब मेरी उनसे बात हुई तो वह रोने लगे. उनकी हिम्मत जवाब दे रही है. सोनू ने कहा कि मैं सूखे खाने पर कितने दिन तक जीवित रहूंगा. अब दम घुट रहा है, तुम लोग हमें बचा भी रहे हो या झूठ बोल रहे हो. लेकिन हमने उन्हें कहा है कि तीन जगह से बचाने की प्रक्रिया चल रही है. मजदूरों के एक साथी ने कहा कि जो लोग सांसों के लिए तड़प रहे हैं, उनके लिए सोचना चाहिए. उन्होंने कहा कि अंदर के हालात बहुत खराब हैं.
सुरंग में फंसे अपनों की सेहत को लेकर फिक्रमंद हैं परिजन
अपने परिजनों की सुरक्षित निकासी का इंतजार कर रहे देश के विभिन्न हिस्सों से सिल्क्यारा आए लोगों ने उनके स्वास्थ्य के बारे में चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि जब उन्होंने शनिवार को उनसे बात की तो उनकी आवाज कमजोर लग रही थी. फंसे हुए मजदूरों में से एक हरिद्वार शर्मा के छोटे भाई सुशील शर्मा ने आंसू भरी आंखों से बताया कि हमें अधिकारियों से केवल आश्वासन मिल रहा है कि फंसे हुए मजदूरों को बचा लिया जाएगा. उन्हें फंसे हुए लगभग एक सप्ताह हो गया है.
'हमारी हिम्मत भी जवाब दे रही'

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