
'हार नहीं मानूंगी, रेस अभी बाकी है...', भारतवंशी महिला ने डोनाल्ड ट्रंप को दी खुली चुनौती
AajTak
न्यू हैम्पशायर प्राइमरी चुनाव में कुल 75 फीसदी वोट पड़े हैं. जिनमें से ट्रंप को लगभग 54.4 फीसदी और हेली को 43.3 फीसदी वोट मिले हैं. आयोवा कॉकस के बाद न्यू हैम्पशायर प्राइमरी चुनाव में जीत हासिल कर ट्रंप ने नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए रिपब्लिकन पार्टी का उम्मीदवार बनने की अपनी दावेदारी मजबूत कर ली है.
अमेरिका में इस साल राष्ट्रपति चुनाव को लेकर सियासत उबाल पर है. रिपब्लिकन पार्टी की ओर से राष्ट्रपति पद का आधिकारिक उम्मीदवार चुनने की प्रक्रिया में न्यू हैम्पशायर प्राइमरी चुनाव में ट्रंप ने जीत हासिल की है.
इस चुनाव में ट्रंप की प्रतिद्वंद्वी भारतवंशी निक्की हेली ने उन्हें कड़ी टक्कर दी. लेकिन उन्हें एक बार फिर ट्रंप से मुंह की खानी पड़ी है. लेकिन निक्की ने दो टूक कह दिया है कि अभी रेस खत्म नहीं हुई है.
निक्की हेली ने ट्रंप को जीत की बधाई देते हुए कहा कि अभी जीत और हार दोनों बहुत दूर हैं. अभी कई और राज्यों में प्राइमरी इलेक्शन होने बाके हैं. और अगला चुनाव मेरे स्टेट साउथ कैरोलिना में होगा.
न्यू हैम्पशायर प्राइमरी चुनाव में कुल 75 फीसदी वोट पड़े हैं. जिनमें से ट्रंप को लगभग 54.4 फीसदी और हेली को 43.3 फीसदी वोट मिले हैं. आयोवा कॉकस के बाद न्यू हैम्पशायर प्राइमरी चुनाव में जीत हासिल कर ट्रंप ने नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए रिपब्लिकन पार्टी का उम्मीदवार बनने की अपनी दावेदारी मजबूत कर ली है.
क्या था आयोवा कॉकस का परिणाम?
हाल ही में हुए आयोवा कॉकस के चुनाव में ट्रंप की ऐतिहासिक जीत हुई थी. उन्होंने आयोवा की 99 काउंटी में सबसे अधिक वोट हासिल किए थे. वे सिर्फ एक काउंटी में एक वोट से हारे थे. दरअसल आयोवा में कोई भी 12 पाइंट से ज्यादा की बढ़त नहीं बना पाया है जबकि ट्रंप ने 30 फीसदी के अंतर से बढ़त बनाई और पूर्ण बहुमत से जीत दर्ज की.

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











