
हाथों में शैंपेन का जाम थामे यूक्रेन युद्ध पर क्या बोल गए रूसी राष्ट्रपति पुतिन?
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रूस के राष्ट्रपति पुतिन का कहना है कि यूक्रेन के एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमारे हमलों को लेकर फिलहाल बहुत हो-हल्ला मचा हुआ है. हां, हम हमला कर रहे हैं. लेकिन किसने शुरू किया? किसने क्रीमिया ब्रिज पर हमला किया? कुर्स्क न्यूक्लियर पावर स्टेशन की पावर लाइन्स को किसने उड़ाया? दोनेत्सक को कौन पानी नहीं दे रहा?
यूक्रेन पर हमला कर चारों तरफ से आलोचना और प्रतिबंधों की मार झेल रहे रूस के राष्ट्रपति पुतिन अभी भी झुकने को तैयार नहीं हैं. कुछ समय पहले तक ऐसी संभावना जताई जा रही थी कि पुतिन कुछ नरम रुख अख्तियार कर सकते हैं. लेकिन पुतिन के वायरल एक वीडियो से यह भ्रम भी जाता रहा. सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में पुतिन को हाथ में शैंपेन का जाम थामे यूक्रेन पर हमले को जायजा ठहराते देखा जा सकता है.
पुतिन दअसल क्रेमलिन में आयोजित एक कार्यक्रम में पहुंचे थे. उन्होंने यहां यूक्रेन के एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर रूस के हमलों को वाजिब ठहारया. उन्होंने कहा कि रूसी हमलों की आलोचना से हमारे मिशन पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
यूक्रेन युद्ध पर क्या बोल गए पुतिन?
सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में पुतिन कहते हैं कि यूक्रेन पर रूस के हमले को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जो भी बातें कही जा रही हैं, सब झूठी हैं. उन्हें (अंतरराष्ट्रीय बिरादरी) हमारे मामले से दूर रहना चाहिए. हमारे लोगों के प्रति हमारे फर्ज को पूरा करने में कोई हमें नहीं रोक सकता.
पुतिन ने कहा कि यूक्रेन के एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्र पर हमारे हमलों को लेकर फिलहाल बहुत हो-हल्ला मचा हुआ है. हां, हम हमला कर रहे हैं. लेकिन किसने शुरू किया? किसने क्रीमिया ब्रिज पर हमला किया? कुर्स्क न्यूक्लियर पावर स्टेशन की पावर लाइन्स को किसने उड़ाया? दोनेत्सक को कौन पानी नहीं दे रहा? 10 लाख लोगों की आबादी वाले शहर को पानी मुहैया नहीं कराना नरसंहार के समान है. लेकिन किसी ने इस पर कुछ नहीं कहा. सब ने चुप्पी साध रखी है. लेकिन जैसे ही हम कुछ करते हैं, पूरी दुनिया में हाहाकार मच जाता है. बता दूं कि इससे हमारे उद्देश्य पर कोई असर नहीं पड़ेगा.
बता दें कि रूस 10 अक्टूबर से ही यूक्रेन की पावर ग्रिड सहित उसके एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बना रहा है. कुछ पश्चिमी नेताओं ने रूस के इस कृत्य को युद्ध अपराध कहा है क्योंकि इससे यूक्रेन के सिविल इन्फ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान पहुंचा है. इसके बावजूद पुतिन ने दो टूक कहा है कि वैश्विक आलोचना से उनके इरादे नहीं बदलेंगे.

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