
हाथरस कांड: तड़पते पीड़ित और बाबा का झूठ... नारायण साकार हरि के 'नए कांड' का खुलासा!
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उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुई भगदड़ में अपनी जान गंवाने वाले 123 लोगों के परिजनों के सामने भोले बाबा का सच सामने आने लगा है. इस हादस के बाद नारायण साकार हरि उर्फ भोले बाबा उर्फ सूरजपाल सिंह जाटव ने ऐलान किया था कि उसकी तरफ से पीड़ितों को मदद की जाएगी.
उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुई भगदड़ में अपनी जान गंवाने वाले 123 लोगों के परिजनों के सामने भोले बाबा के असली सच का पर्दाफाश हो गया है. इस हादसे के बाद नारायण साकार हरि उर्फ सूरजपाल सिंह जाटव ने ऐलान किया था कि उसकी तरफ से पीड़ितों को मदद की जाएगी. लेकिन दो हफ्ते बीत जाने के बाद भी बाबा या उसके सेवादारों की तरफ से किसी को कोई मदद नहीं मिली है. हां, उसके वकील के तरफ से हर रोज नए-नए दावे जरूर किए जा रहे हैं.
हाथरस में हुए हादसे के बाद से भोले बाबा लापता है. पुलिस उसकी लोकेशन तो ट्रेस नहीं कर पाई, लेकिन नारायण हरि के 'नए कांड' का खुलासा जरूर हो गया है. हादसे के बाद उसने वीडियो बयान के जरिए भगदड़ में मारे गए भक्तों की मदद करने का ऐलान किया था. ये दावा किया था कि मारे गए भक्तों के परिजनों की पूरी जिम्मेदारी उठाएंगे. उनकी हर संभव मदद करेंगे. लेकिन पीड़ितों का कहना है कि न तो उनकी तरफ से कोई मिलने आया, ना किसी ने मदद की है.
अपने प्रवचनों की तरह एक बार फिर बाबा ने भक्तों को अपने मायाजाल में फंसा दिया. क्योंकि भगदड़ में जान गवाने वाले भक्तों के परिवार को अब तक बाबा नारायण हरि की तरफ से भेजी जाने वाली मदद का इंतजार है. एक मृतक चंद्रप्रभा के परिजनों ने बताया कि बाबा की तरफ से किसी ने संपर्क नहीं किया है और ना ही कोई मदद की गई है. अलबत्ता सरकार की तरफ से भेजी गई मदद पहुंच गई. उनकी तरफ सो पीड़ित परिवारों को 2-2 लाख चेक मिल गया है.
17 साल की खुशबू घरवालों के साथ सतसंग में गई थी, लेकिन फिर जिंदा नहीं लौटी. घरवालों का आरोप है कि बाबा नारायण हरि की तरफ से झूठा दावा किया गया, क्योंकि अब तक मदद तो छोड़िए बाबा की संस्था की तरफ से कोई घर तक नहीं आया है. खुशबू के पिता राजकुमार ने बताया कि सरकार की तरफ से दो लाख रुपए आए हैं. बाबा की तरफ से कोई नहीं है. यही हाल मीरा और सुधा के घरवालों का है. पूरा परिवार भोले बाबा का सत्संग सुनने गया था.
उनके घरवालों का कहना है कि सरकार की तरफ से 2-2 लाख का चेक घर पहुंच गया, लेकिन बाबा नारायण हरि की ओर से कोई मदद नहीं मिली है. परिवार ने दो बेटियों को हमेशा-हमेशा के लिए खो दिया. मीरा और सुधा अब इस दुनिया में नहीं है. घरवालों उस घड़ी को कोस रहे हैं, जब सत्संग में जाने का फैसला लिया था. मृतक आशा देवी के परिजनों का दर्द भी यही है. बेटे का आरोप है बाबा तो बाबा, तमाम दलों के नेताओं ने भी मदद के नाम पर सब्जबाग दिखाया.

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