
मेघालय के री-भोई जिले में भीषण सड़क हादसा... तेज रफ्तार ट्रक ने स्कूल बस को मारी टक्कर, 1 छात्र की मौत, 7 घायल
AajTak
मेघालय के री-भोई जिले में बर्नीहाट के पास क्लिंकर से भरे ट्रक ने माउंट जियोन अकादमी की स्कूल बस को पीछे से टक्कर मार दी. हादसे में छात्र मैक्सवेल लिंगदोह की मौत हो गई, जबकि सात बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए. उन्हें गुवाहाटी अस्पताल भेजा गया. हादसे के बाद ट्रक चालक और हेल्पर फरार हो गए, पुलिस उनकी तलाश कर रही है.
मेघालय के री-भोई जिले में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक स्कूली छात्र की मौत हो गई, जबकि कई अन्य बच्चे घायल हो गए. यह हादसा बर्नीहाट के पास 17th माइल इलाके में सुबह करीब 8 बजे हुआ. पुलिस के अनुसार, माउंट जियोन अकादमी की स्कूल बस सड़क किनारे खड़ी थी और छात्रों को लेने का इंतजार कर रही थी.
इसी दौरान गुवाहाटी की ओर जा रहा क्लिंकर से लदा एक तेज रफ्तार ट्रक पीछे से बस में आकर टकरा गया. टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस में बैठे कई बच्चे घायल हो गए. हादसे के समय बस में करीब 20 छात्र सवार थे, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई.
यह भी पढ़ें: मेघालय में दर्दनाक हादसा... कोयला खदान में भीषण धमाका, 18 मजदूरों की मौत
सात बच्चे गंभीर घायल, अस्पताल में कराया गया भर्ती
पुलिस के मुताबिक, इस हादसे में सात बच्चों को गंभीर चोटें आई हैं. उन्हें बेहतर इलाज के लिए गुवाहाटी के अस्पतालों में रेफर किया गया है. वहीं, जिन बच्चों को हल्की चोटें आई थीं, उन्हें बर्नीहाट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया और वहां उनका इलाज किया गया.
घायलों में मैक्सवेल लिंगदोह नाम का एक छात्र भी शामिल था, जिसे गंभीर हालत में अर्ही अस्पताल में भर्ती कराया गया था. इलाज के दौरान मैक्सवेल ने दम तोड़ दिया, जिससे परिवार और स्कूल में शोक का माहौल बन गया.

आजतक से खास बातचीत में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बीजेपी में दो विचारधाराओं की बात कही. उन्होंने बताया कि एक विचारधारा अत्याचारी प्रकृति की है जबकि दूसरी नहीं. उन्होंने बटुकों के सम्मान के लिए ब्रजेश पाठक की प्रशंसा की. साथ ही समाजवादी पार्टी और बीजेपी दोनों को राजनीतिक पार्टियों के रूप में बताया. सीएम योगी पर उन्होंने खुलकर वार किए. देखें वीडियो.

यह वीडियो भारत में हो रहे एआई समिट, उत्तर प्रदेश की राजनीतिक तनावपूर्ण सियासत और संघ परिवार की मुसलमानों की घर वापसी से जुड़ी राय पर केंद्रित है. सुंदर पिचाई ने भारत में टैलेंट की घर वापसी पर आशावादी विचार व्यक्त किए हैं. वहीं, उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण राजनीति और शंकराचार्य विवाद ने सियासी हलचल बढ़ाई है. साथ ही संघ प्रमुख और मुस्लिम नेताओं के बीच घर वापसी को लेकर बयानबाजी जारी है. देखें खबरदार.

सेंट्रल इंडिया के पूर्व माओवादी नेता भूपति ने लगभग 40 सालों के हथियारबंद संघर्ष के बाद 15 अक्टूबर 2025 को गढ़चिरोली में 60 साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का ऐतिहासिक फैसला किया. 70 साल भूपति ने कहा कि देश की बदलती सामाजिक-राजनीतिक स्थितियों में सशस्त्र क्रांति अब व्यावहारिक नहीं रही. उन्होंने बताया कि संगठन 2013 के बाद जनता से कट चुका था, जिससे अंत की शुरुआत हुई.

अकोला में भाजपा के अकोट शहर अध्यक्ष को लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से सिग्नल ऐप पर 2 करोड़ रुपये की रंगदारी की धमकी मिली है. धमकी मिलने के बाद पुलिस ने शहर अध्यक्ष की सुरक्षा बढ़ा दी है. सूत्रों के अनुसार, शुभम लोणकर नामक आरोपी पर शक है, जिसके गैंग से संबंध बताए जा रहे हैं. पुलिस तकनीकी जांच कर रही है, लेकिन आधिकारिक बयान देने से बच रही है.

माघ मेले के दौरान चोटी खींचने की घटना को लेकर उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमाई है. डिप्टी मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इस घटना को पूरी तरह से गलत और महापाप बताया है. उन्होंने इस कृत्य की निंदा करते हुए बटुकों को बुलाकर उनका सम्मान किया है. इस घटना को लेकर सियासत तेज हो गई है और अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा है. इस मामले में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जिससे माहौल और गरमाता दिखाई दे रहा है.

दिल्ली में आयोजित AI समिट में बेहतर भविष्य की चर्चाएं हो रही हैं, लेकिन वहीं राजनीतिक पार्टियां इस तकनीक को हथियार बनाकर आमने-सामने आ गई हैं. कांग्रेस ने AI का एक वीडियो जारी किया, जिसमें लोकसभा स्पीकर का मजाक उड़ाया गया, जिसे बीजेपी ने सदन की अवमानना माना और शिकायत दर्ज कराई. कांग्रेस के तीन नेताओं को नोटिस भेजा गया. दोनों पार्टियां AI वीडियो का इस्तेमाल कर विपक्षी नेताओं पर आरोप-प्रत्यारोप कर रही हैं.

ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और बीजेपी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि बीजेपी में दो विचारधाराएं दिख रही हैं और बटुकों के सम्मान को डैमेज कंट्रोल बताया. गोरक्षा के मुद्दे पर उन्होंने 40 दिन का समय दिया था, जिसमें 20 दिन शेष हैं. समय पूरा होने पर स्थिति साफ़ करने की बात कही है.






