
हरियाणा चुनाव हारे कांग्रेस उम्मीदवार की आपबीती, जिसने पार्टी की पोल खोलकर रख दी
AajTak
हरियाणा चुनाव में हार के कारणों की जांच के लिए कांग्रेस ने एक कमेटी बनाई है. दो सदस्यीय इसके पैनल के सामने एक से बढ़कर एक दास्तानें, शिकायतें और आपबीती आ रही है. सवाल ये है कि क्या कांग्रेस ऐसे सभी फीडबैक से कोई सबक लेगी? लगता तो नहीं.
हरियाणा में कांग्रेस की हार की जांच कर रही कमेटी का मानना है कि टिकट के बहुत अधिक दावेदार, पार्टी के अंदर चल रही गुटों के बीच साजिश, राज्य में बड़े नेताओं की रैलियों के बारे में आम जनता में जानकारी का अभाव और भाजपा की जाट विरोधी वोटों के ध्रुवीकरण में सफलता ही पार्टी की हार के असली कारण रहे. कमेटी राज्य में हारे हुए कैंडिडेट्स से बातचीत करके अगर कुछ ऐसे ही निष्कर्षों पर पहुंची है तो ये सतही निष्कर्ष ही साबित होंगे. क्या सिर्फ यही कारण थे, जिसके चलते कांग्रेस हरियाणा में बीजेपी के प्रति नाराजगी का लाभ नहीं उठा पायी.कमेटी को जो कारण बताए जा रहे हैं यह जरूरी कारणों को दरकिनार करने की एक साजिश की तरह है. कांग्रेस हो या कोई भी राजनीतिक दल आजकल सत्य सामने नहीं लाया जाता है. सच सामने लाने वाले को भी अपनी गर्दन प्यारी होती है. जांच करने वाला और गवाही देने वाला दोनों ही जानते हैं कि ऐसे निष्कर्षों का कुछ होना नहीं है. अब तक जितनी जांच रिपोर्ट्स बनीं सभी कहीं कबाड़े में धूल फांक रही हैं. पार्टी में हाईकमान से पंगा लेने की किसी में नहीं होती है. आखिर जब रहना इसी दल में है तो जल में रहकर मगरमच्छ से बैर करने की जरूरत ही क्या है?
1- हुड्डा ने कांग्रेस की उम्मीदों की बलि दे दी, या वे खुद बलि का बकरा हैं?
हार के कारणों की जांच कर रही दो सदस्यीय समिति, जिसमें छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और राजस्थान के विधायक हरीश चौधरी शामिल हैं. 10 अक्टूबर को बनाई गई थी. इसका उद्देश्य स्थानीय कांग्रेस नेताओं से हरियाणा में 10 साल बाद भी सत्ता वापस हासिल न कर सकने के कारणों पर प्रतिक्रिया प्राप्त करना और हाई कमान को रिपोर्ट सौंपना था. पार्टी को उम्मीद थी कि वह भाजपा को सत्ता से बेदखल कर देगी, लेकिन वह 90 में से केवल 37 विधानसभा सीटें ही जीत सकी. कमेटी के समक्ष कांग्रेस के उम्मीदवारों ने चुनाव में हारने के जिन कारणों को गिनाया वो हैरान करने वाले थे.
एक उम्मीदवार के हवाले से इंडियन एक्सप्रेस लिखता है कि एक कांग्रेस उम्मीदवार जो चुनाव हार गया था उसने बताया कि दीपेंद्र सिंह हुड्डा गुट के लोग खुलेआम मेरे खिलाफ प्रचार कर रहे थे. लोगों से कह रहे थे कि मुझे नहीं जीतना चाहिए. मैंने समिति को यह भी बताया कि भाजपा को जाट विरोधी ध्रुवीकरण से लाभ हुआ. उन्होंने हरियाणा में जाटों के खिलाफ एक ऐसी कहानी फैलाई जैसे वे अन्य हिस्सों में मुसलमानों के खिलाफ करते हैं, जैसे अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो सब कुछ जाटों के हाथ में चला जाएगा. मैं भी इस वजह से प्रभावित हुआ क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने राहुल गांधी के साथ मंच पर होते हुए भी मेरे लिए वोट नहीं मांगे. जाटों में मेरे खिलाफ यह धारणा बन गई थी कि हुड्डा मेरा समर्थन नहीं कर रहे हैं. इसलिए मैंने जाटों के वोट भी खो दिए और अन्य समुदायों ने मुझे भाजपा द्वारा फैलाए गए नैरेटिव के कारण वोट नहीं दिया.
2- प्रदेश कांग्रेस कमेटी पर आरोप
एक अन्य उम्मीदवार जो चुनाव हार गया था उसने बताया कि राज्य में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के कार्यक्रमों के बारे में किसी को पता नहीं होता था. इन नेताओं के आगमन के बारे में आम लोगों तक बात ही नहीं पहुंच पाती थी.

देश की सर्वोच्च अदालत ने UGC के नए नियमों से सामान्य वर्ग को नफरती करके फंसाए जाने की आशंका को गंभीरता से लिया है. कॉलेज कैंपस में भेदभाव रोकने के नाम पर 13 जनवरी के नियमों को सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है. इसके बाद सामान्य वर्ग की राजनीतिक ताकत और इस मुद्दे के व्यापक मायनों पर चर्चा तेज हो गई है. जातिगत भेदभाव रोकने के लिए बनाए गए इन नियमों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक ने इसके भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

प्रयागराज माघ मेले से लौटे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने सरकार को गोहत्या और मांस निर्यात के मुद्दे पर कड़ी चेतावनी दी है. शंकराचार्य ने साफ कहा है कि अगर सरकार द्वारा निर्धारित शर्तें पूरी नहीं की गईं, तो वे मुख्यमंत्री को नकली हिंदू घोषित करेंगे. यह बयान राजनीतिक और सामाजिक विवादों को जन्म दे सकता है क्योंकि गोहत्या और मांस निर्यात जैसे मुद्दे प्रदेश के भीतर संवेदनशील विषय हैं.

झारखंड फेडरेशन ऑफ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (FJCCI) के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने राज्य के चार ऐसे जिलों की रेल कनेक्टिविटी समेत अन्य आवश्यक मांगों को लेकर यूनियन बजट में शामिल करने की बात कही है जहां आज तक रेल कनेक्टिविटी उपलब्ध नहीं है. आदित्य मल्होत्रा ने इन जिलों के लिए रेल परिवहन के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि यह कदम कैसे क्षेत्रीय विकास में सहायक होगा.

उत्तर भारत में मौसम का मिजाज बदलने वाला है. मौसम विभाग (IMD) के अनुसार आने वाले दिनों में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में फिर बर्फबारी की संभावना है. वहीं, दिल्ली-NCR में 31 जनवरी से 2 फरवरी तक बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है. मौसम विभाग ने पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के लिए भी बारिश का अलर्ट जारी किया है.

जम्मू कश्मीर से हिमाचल प्रदेश तक पहाड़ों पर लगातार भारी बर्फबारी जारी है. इस बर्फबारी के कारण खूबसूरत नजारे देखने को मिल रहे हैं, जिससे बड़ी तादाद में पर्यटक इन इलाकों की तरफ आकर्षित हो रहे हैं. मौसम के इस बदलाव ने कई रास्ते बंद कर दिए हैं जिससे कई जगहों पर यातायात जाम की स्थिति बनी है. श्रीनगर समेत पुलवामा, कुलगाम, शोपिया, गुरेज और अन्य क्षेत्रों में तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है.

मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है. अमेरिका ने USS Abraham Lincoln कैरियर ग्रुप अरब सागर में तैनात कर ईरान पर हमले की धमकी दी है. ईरान डर से अपने न्यूक्लियर साइट्सको गहराई में छिपा रहा है. टनल सील कर रहा है. ड्रोन कैरियर शहीद बघेरी को बंदर अब्बास से 6 किमी दूर रखा है. IRGC 1-2 फरवरी को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में लाइव-फायर एक्सरसाइज करेगा.

दिल्ली पुलिस की महिला कमांडो काजल की हत्या के मामले अब नई परतें खुल रही हैं. उसके परिजनों ने पति अंकुर पर हत्या के साथ-साथ पेपर लीक रैकेट का मास्टरमाइंड होने के गंभीर आरोप लगाए हैं. दावा है कि काजल के पास उसके काले कारनामों के राज़ थे. हत्या से पहले वीडियो कॉल और डंबल से हत्या के आरोपों ने मामले को और सनसनीखेज बना दिया है.






