
'हमें भी उनके जैसा एयर डिफेंस सिस्टम चाहिए', भारतीय ड्रोन्स से पाकिस्तान के दिल में बैठा खौफ
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डॉ. चीमा ने कहा कि पाकिस्तान को S-400 जैसे मॉडल की जरूरत है. अगर हमारे पास ऐसा नहीं हुआ, तो भारतीय वायुसेना के लोग हम पर हंसते रहेंगे, कहेंगे कि 'यह पाकिस्तानी डिफेंस सिस्टम है, चिंता मत करो, हमें पता है कैसे काम करता है. पाकिस्तान का डिफेंस सिस्टम काम ही नहीं करता है'.
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत की डीप-स्ट्राइक क्षमताओं और ड्रोन युद्ध नीति ने पाकिस्तान के रणनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है. एक वरिष्ठ पाकिस्तानी विश्लेषक डॉ. कमर चीमा ने स्वीकार किया है कि भारत की हवाई क्षमता ने पाकिस्तान की रक्षा व्यवस्था की गंभीर कमजोरियों को उजागर कर दिया है. उनका कहना है कि पाकिस्तान को अब भारत जैसे आधुनिक डिफेंस सिस्टम की सख्त जरूरत है, नहीं तो भविष्य में और बड़ा नुकसान हो सकता है.
'पाकिस्तान को एस-400 जैसा मॉडल चाहिए'
डॉ. चीमा ने कहा कि पाकिस्तान को S-400 जैसे मॉडल की जरूरत है. अगर हमारे पास ऐसा नहीं हुआ, तो भारतीय वायुसेना के लोग हम पर हंसते रहेंगे, कहेंगे कि 'यह पाकिस्तानी डिफेंस सिस्टम है, चिंता मत करो, हमें पता है कैसे काम करता है. पाकिस्तान का डिफेंस सिस्टम काम ही नहीं करता है'.
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि भारतीय ड्रोन के पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र में घुसने से काफी भ्रम की स्थिति बनी और घबराहट फैल गई. यह बहुत अजीब था कि भारतीय ड्रोन पाकिस्तानी क्षेत्र में आए. हम समझ ही नहीं पाए कि हुआ क्या है.
'तैयार हो जाओ नहीं तो बहुत देर हो जाएगी'
चीमा ने कहा कि पाकिस्तान को अब एयर डिफेंस, ड्रोन वॉरफेयर और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध पर भारी निवेश करना होगा. उन्होंने चेतावनी दी, 'पाकिस्तान को अब (ड्रोन) हमले करने होंगे. भारत ने सॉफ्ट किल और हार्ड किल, दोनों तरीकों का इस्तेमाल किया है. पाकिस्तान को भारत जैसा मजबूत डिफेंस सिस्टम चाहिए. हमें इसमें निवेश करना ही होगा, क्योंकि युद्ध आने वाला है. यह टेक्नोलॉजी का युद्ध है- ड्रोन का युद्ध, वायुसेनाओं का युद्ध, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर का युद्ध- और हमें अब इसी पर फोकस करना चाहिए. हमें स्वदेशी क्षमताओं का निर्माण करना होगा. तैयार हो जाओ, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए.'

लेकिन अब ये कहानी उल्टी घूमने लगी है और हो ये रहा है कि अमेरिका और चीन जैसे देशों ने अमेरिका से जो US BONDS खरीदे थे, उन्हें इन देशों ने बेचना शुरू कर दिया है और इन्हें बेचकर भारत और चाइना को जो पैसा मिल रहा है, उससे वो सोना खरीद रहे हैं और क्योंकि दुनिया के अलग अलग केंद्रीय बैंकों द्वारा बड़ी मात्रा में सोना खरीदा जा रहा है इसलिए सोने की कीमतों में जबरदस्त वृद्धि हो रही हैं.

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