
हमास के आतंकियों को ड्रोन से चुन-चुन कर मार रही है इजरायली सेना, गाजा की सुरंगों पर भारी बमबारी
AajTak
युद्धविराम खत्म होने के बाद इजरायल ने गाजा पट्टी पर हवाई हमले तेज कर दिए हैं. इजरायल के ताजा बमबारी में एक दर्जन से ज्यादा फिलिस्तीनियों की मौत हुई है. ये हमला जबालिया के शरणार्थी शिविर पर हुआ, जहां बेघर फिलिस्तीनी रह रहे थे. इजरायी हमले में अबतक 200 से ज्यादा फिलिस्तीनियों की जान जा चुकी है.
इजरायल और हमास के बीच युद्धविराम खत्म होने के बाद गाजा पट्टी पर भारी बमबारी हो रही है. इजरायली सेना गाजा सिटी और उसके आसपास के इलाकों पर लगातार बम गिरा रही है. गाजा सिटी के बाहरी इलाके जबालिया में हुए ताजा हवाई हमले में एक दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत हो गई, ये हमला शरणार्थी शिविर पर हुआ. वहां बेघर फिलिस्तीनी रह रहे थे. इसके साथ ही इजरायली सेना हमास के आतंकियों को चुन-चुनकर मारने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल कर रही है. आईडीएफ ने पिछले 24 घंटे के अंदर ड्रोन हमले में पांच खूंखार आतंकवादियों को मार गिराया है. उसके फाइटर जेट हमास के ठिकानों पर जमकर बमबारी कर रहे हैं.
फिलिस्तीनी के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, सीजफायर टूटने के बाद से इजरायली हमले में अब तक 200 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं. 7 अक्टूबर के बाद इजरायल और हमास के बीच जंग शुरू होने से लेकर अब तक 15 हजार से ज्यादा फिलिस्तीनी हताहत हुए हैं. वहीं घायलों की तादाद 30 हजार से ज्यादा पहुंच चुकी है. उधर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का कहना है कि जब तक वो हमास का पूरी तरह से सफाया नहीं कर लेते गाजा में बमबारी जारी रहेगी. उन्होंने कहा है, ''हम तब तक युद्ध जारी रखेंगे जब तक हम अपना लक्ष्य नहीं हासिल कर लेते. जमीनी कार्रवाई के बिना उन लक्ष्यों को हासिल करना असंभव है.''
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कतर में स्थाई युद्धविराम के लिए बातचीत कर रहे मोसद के अधिकारियों को भी देश लौटने का आदेश दिया है. युद्ध शुरू होने के बाद से कतर हमास और इजरायल के बीच मध्यस्थता कर रहा है. हाल ही में एक हफ्ते तक चलने वाले अस्थाई युद्धविराम, उसे दो बार बढ़ाने और उस दौरान बंधकों की रिहाई में कतर ने अहम भूमिका निभाई है. अमेरिका, यूरोप और अरब देश चाहते हैं कि जल्द से जल्द स्थाई संघर्ष विराम हो, लेकिन इजरायल अब इसके लिए तैयार नहीं है. उसका कहना है कि जब तक वो फिलिस्तीन के हथियारबंद संगठन हमास को मिटा नहीं देता तब तक दम नहीं लेगा.
गाजा में इजरायली 'बंकर बस्टर' बम का कहर
इजरायल ने गाजा में हमास के खिलाफ अमेरिकी 'बंकर-बस्टर' बम का भी इस्तेमाल शुरू कर दिया है. इस बम का वजन 907 किलो है. इन बमों का इस्तेमाल अमेरिका ने अफगानिस्तान, इराक और सीरिया में भी किया था. बंकर बस्टर बम बेहद ताकतवर होते हैं. ये जमीन के अंदर तेजी से जाते हैं. अंदर पहुंचने के बाद विस्फोट होते हैं. ये कॉन्क्रीट से बनी नींव, बंकर या सुरंगों को उड़ाने की क्षमता रखते हैं. इस तरह के बमों का इस्तेमाल सैकड़ों वर्षों से होता आ रहा है. सबसे ज्यादा इस्तेमाल वियतनाम युद्ध के समय हुआ था. इन बमों की नाक खास तरह से बनाई जाती है, ताकि ये अपने वजन और ग्रैविटी का फायदा लेकर तेज रफ्तार से जमीन के अंदर चले जाएं.

जेल में बंद इमरान खान को लेकर पाकिस्तान सरकार ने बड़ा खुलासा किया है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के एक सहयोगी ने कहा है कि इमरान खान को दो बार डील पेशकश की गई. लेकिन इमरान ने इस डील को स्वीकार करने से इनकार कर दिया. नवाज शरीफ के करीबी रहे राणा सनाउल्लाह ने कहा कि पाकिस्तान सरकार इस समस्या का राजनीतिक समाधान चाहती है.

ब्रिटेन में शाही परिवार के सदस्य और प्रिंस चार्ल्स के भाई एंड्र्यू माउंटबेटन-विंडसर को गिरफ्तार कर लिया गया है. डेली टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटिश पुलिस पूर्वी इंग्लैंड स्थित एंड्र्यू के घर पर पहुंची. सैंड्रिंघम एस्टेट के वुड फार्म के आसपास छह बिना नंबर वाली पुलिस कारें और आठ सादे कपड़ों में अधिकारी देखे गए. थेम्स वैली पुलिस फरवरी में उन आरोपों की जांच कर रही थी जिनमें दावा किया गया था कि माउंटबेटन-विंडसर ने दिवंगत यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन को सरकारी दस्तावेज दिए थे.

पाकिस्तान एक बार फिर से अफगानिस्तान पर हमले का बहाना ढूंढ़ रहा है. PAK ने अफगानिस्तान को कूटनीतिक मैसेज देते हुए खुलेआम कहा है कि उसे TTP या दूसरे किसी भी ग्रुप को जवाब देने और उसे खत्म करने का अधिकार है. पाकिस्तान ने इस कूटनीतिक भाषा के लिए सोमवार को हुए हमले को आधार बनाया है, जब उसके 11 सैनिक मर गए थे.

तारिक रहमान के नेतृत्व वाली नई बीएनपी सरकार ने घोषणा की है कि बांग्लादेश सभी देशों, खासकर पड़ोसियों के साथ संप्रभु समानता और पारस्परिक लाभ के आधार पर संबंध रखेगा. विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने 'बांग्लादेश फर्स्ट' को विदेश नीति का केंद्रीय सिद्धांत बताया और द्विपक्षीय रिश्तों की व्यापक समीक्षा के संकेत दिए.

ईरान और अमेरिका के बीच सैन्य तनाव चरम पर पहुंच गया है और मिडिल ईस्ट में किसी भी समय युद्ध शुरू होने का खतरा बढ़ गया है. विशेषज्ञों का कहना है कि यह संघर्ष कई हफ्तों तक चल सकता है. इस स्थिति को देखते हुए ईरान ने अपने सबसे संवेदनशील सैन्य और परमाणु ठिकानों को सुरक्षित रखने के लिए बड़े पैमाने पर किलाबंदी शुरू कर दी है. जिसका खुलासा सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा हुआ है.








