
हमास की सुरंग, हथियारों से भरी गाड़ी , इजरायली बंधक की लाशें... गाजा के अल शिफा हॉस्पिटल में IDF को क्या-क्या मिला?
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हमास ने 7 अक्टूबर को इजरायल पर हमला किया था. इस हमले में 1400 लोग मारे गए थे. हमास ने 240 से ज्यादा नागरिकों को भी बंधक बना लिया था. इन्हें गाजा में रखा गया है. इजरायली सेना हमास के खात्मे और बंधकों को आजाद कराने के लिए ऑपरेशन चला रही है. इजरायली एयरफोर्स गाजा में लगातार बमबारी कर रही है. इन हमलों में अब तक 11500 लोग मारे गए हैं.
इजरायली सेना हमास के खात्मे के लिए गाजा पट्टी में ग्राउंड ऑपरेशन चला रही है. ऑपरेशन के तहत इजरायली सैनिक बुधवार से गाजा के सबसे बड़े अस्पताल अल शिफा में भी सर्ज ऑपरेशन चला रहे हैं. इजरायली सेना का दावा है कि उसे अल शिफा हॉस्पिटल में हमास की सुरंग मिली है. इसके अलावा 7 अक्टूबर को हमास द्वारा बंधक बनाई गई 19 साल की एक लड़की का शव भी शिफा अस्पताल से मिला है. इजरायली सेना ने हथियारों से भरी गाड़ी मिलने का दावा किया था.
IDF के प्रवक्ता डैनियल हगारी ने बताया कि इजरायली सेना को गाजा में अल-शिफा अस्पताल में सर्च के दौरान एक सुरंग का एंट्रेंस गेट और हथियारों से भरी एक कार मिली है. सेना के मुताबिक, हमास 7 अक्टूबर को इजरायल पर किए हमले में इस हथियारों से भरी कार का इस्तेमाल करने की तैयारी कर रहा था.
EXPOSED: In the Shifa Hospital complex, IDF troops found a hidden booby-trapped vehicle containing a large number of weapons, including: · AK-47s · RPGs · sniper rifles · grenades · other explosives See for yourself: pic.twitter.com/TApCThR9OM
इजरायली सैनिकों को अल शिफा अस्पताल में हमास आतंकवादियों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली सुरंग भी मिली है. इजरायली सेना ने इसका वीडियो भी जारी किया है. सेना के मुताबिक, अल शिफा अस्पताल के बाहरी इलाके में सुरंग मिली है. इजरायली सेना के मुताबिक, हमास के आतंकियों ने 19 साल की सीपीएल नोआ मार्सिआनो की 7 अक्टूबर को अपहरण कर हत्या कर दी थी. उसका शव शिफा अस्पताल के पास मिला है.
हमास ने 7 अक्टूबर को इजरायल पर हमला किया था. इस हमले में 1400 लोग मारे गए थे. हमास ने 240 से ज्यादा नागरिकों को भी बंधक बना लिया था. इन्हें गाजा में रखा गया है. इजरायली सेना हमास के खात्मे और बंधकों को आजाद कराने के लिए ऑपरेशन चला रही है. इजरायली एयरफोर्स गाजा में लगातार बमबारी कर रही है. इन हमलों में अब तक 11500 लोग मारे गए हैं. जबकि 20 हजार से ज्यादा लोग जख्मी हुए हैं.

ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघेर गलीबाफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका-ईरान वार्ता का दावा फर्जी बताया. उनका कहना है कि यह वित्तीय और तेल बाजार को प्रभावित करने और अमेरिका-इजरायल की रणनीतिक विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए फैलाया गया. ईरान ने किसी भी वार्ता की पुष्टि से इनकार किया.

वेस्ट एशिया में छिड़े युद्ध में आज अमेरिका की तरफ से ऐसे संकेत आए हैं कि जैसे अमेरिका ईरान के सामने थोड़ा झुका हो. अमेरिका ने ईरान के एनर्जी और पावर प्लांट पर हमलों को फिलहाल टाल दिया है. लेकिन सवाल है कि क्यों? अमेरिका और इजरायल का गठबंधन युद्ध के 24 दिनों के बाद भी ईरान को पूरी तरह से झुका नहीं पाया है. शुरुआत में भले ही अमेरिका इजरायल को कामयाबी मिली हो. लेकिन अब तो ऐसा लग रहा है कि जैसे ईरान ने अपने ताकतवर बम युद्ध के इस हिस्से के लिए बचाकर रखे हों. इजरायल के न्यूक्लियर प्लांट तक ईरान के बम गिर रहे हैं. इजरायल का वर्ल्ड क्लास एयर डिफेंस सिस्टम फेल क्यों हो गया.

युद्ध के 24वें दिन आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चौंकाने वाला बड़ा ऐलान किया. ट्रंप ने कहा कि बीते 2 दिनों से हो रही बातचीत के बाद मैंने ईरानी पावर प्लांट्स पर 5 दिनों के लिए हमले करना रोक दिया है. गौरतलब है कि भारतीय समय से आज रात ही ईरानी पावर प्लांट्स पर हमला करने की ट्रंप की डेडलाइन पूरी हो रही थी. सवाल ये है कि क्या ट्रंप ने अचानक यू टर्न लिया है? अगर ईरान के साथ बीते 2 दिनों से बातचीत हो रही थी तो लगभग 2 दिनों पहले उन्होंने अल्टीमेटम क्यों दिया था? क्यों उन्होंने शक्ति से शांति की बात की थी? सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान के तेवरों के आगे ट्रंप एग्जिट रूट ढूंढ रहे हैं? ट्रंप के ऐलान से क्या युद्ध रुक जाएगा? क्या ईरान और इजरायल युद्ध रोकेंगे? ईरान की मीडिया के अनुसार अमेरिका से ईरान का कोई संपर्क नहीं है.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.

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