
हमास की कमर टूटी! गाजा में जंग खत्म करने को तैयार, ट्रंप के पीस प्लान पर दी सहमति, रखी ये शर्त
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हमास ने संकेत दिया है कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की योजना के आधार पर गाजा युद्ध खत्म करने के लिए समझौते को तैयार है, हालांकि उसकी कुछ शर्तें हैं. मिस्र में चल रही वार्ता में कतर के प्रधानमंत्री और अमेरिकी प्रतिनिधि भी शामिल हुए हैं.
गाजा में जारी विनाशकारी युद्ध को समाप्त करने के लिए उम्मीद की किरण तब जगी जब हमास ने मंगलवार को कहा कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की शांति योजना के आधार पर समझौते के लिए तैयार है. हालांकि, संगठन ने स्पष्ट किया कि कुछ शर्तें पूरी किए बिना सौदा संभव नहीं है.
मिस्र के शर्म अल-शेख में चल रही अप्रत्यक्ष वार्ताओं में कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल-थानी और अमेरिकी मध्यस्थ शामिल हुए हैं. ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ़ और उनके दामाद जारेड कुशनर भी वार्ता में भाग लेने के लिए रवाना हो गए हैं.
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ट्रंप ने वॉशिंगटन में कहा, "मुझे लगता है कि गाजा से आगे बढ़कर पूरे मध्य पूर्व में शांति संभव है." वार्ता से जुड़े एक सूत्र ने बताया कि मंगलवार की बैठक सकारात्मक माहौल में खत्म हुई और बुधवार की बैठक निर्णायक साबित हो सकती है.
हमास की शर्तें और रुख
हमास नेता खलील अल-हैय्या ने मिस्र के सरकारी चैनल को बताया कि संगठन "गंभीर और जिम्मेदार बातचीत" के लिए आया है. उन्होंने कहा कि "हम युद्ध समाप्त करने के लिए तैयार हैं, लेकिन हमें गारंटी चाहिए कि यह फिर से न दोहराया जाए."

वेस्ट एशिया में छिड़े युद्ध में आज अमेरिका की तरफ से ऐसे संकेत आए हैं कि जैसे अमेरिका ईरान के सामने थोड़ा झुका हो. अमेरिका ने ईरान के एनर्जी और पावर प्लांट पर हमलों को फिलहाल टाल दिया है. लेकिन सवाल है कि क्यों? अमेरिका और इजरायल का गठबंधन युद्ध के 24 दिनों के बाद भी ईरान को पूरी तरह से झुका नहीं पाया है. शुरुआत में भले ही अमेरिका इजरायल को कामयाबी मिली हो. लेकिन अब तो ऐसा लग रहा है कि जैसे ईरान ने अपने ताकतवर बम युद्ध के इस हिस्से के लिए बचाकर रखे हों. इजरायल के न्यूक्लियर प्लांट तक ईरान के बम गिर रहे हैं. इजरायल का वर्ल्ड क्लास एयर डिफेंस सिस्टम फेल क्यों हो गया.

युद्ध के 24वें दिन आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चौंकाने वाला बड़ा ऐलान किया. ट्रंप ने कहा कि बीते 2 दिनों से हो रही बातचीत के बाद मैंने ईरानी पावर प्लांट्स पर 5 दिनों के लिए हमले करना रोक दिया है. गौरतलब है कि भारतीय समय से आज रात ही ईरानी पावर प्लांट्स पर हमला करने की ट्रंप की डेडलाइन पूरी हो रही थी. सवाल ये है कि क्या ट्रंप ने अचानक यू टर्न लिया है? अगर ईरान के साथ बीते 2 दिनों से बातचीत हो रही थी तो लगभग 2 दिनों पहले उन्होंने अल्टीमेटम क्यों दिया था? क्यों उन्होंने शक्ति से शांति की बात की थी? सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान के तेवरों के आगे ट्रंप एग्जिट रूट ढूंढ रहे हैं? ट्रंप के ऐलान से क्या युद्ध रुक जाएगा? क्या ईरान और इजरायल युद्ध रोकेंगे? ईरान की मीडिया के अनुसार अमेरिका से ईरान का कोई संपर्क नहीं है.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.

ईरान लगातार इजरायल को निशाना बना रहा है. यरुशलम में ईरान के हमले की आशंका को लेकर सायरन बजे. आनन-फानन में लोग बम शेल्टर की ओर भागे. ये सायरन ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी देते हैं. हमसे ले पहले कुछ मिनटों का ही समय होता है जिसमें इजरायली नागरिक अपने करीबी बम शेल्टर में तब तक शरण लेते हैं जब तक कि खतरा टल न जाए. देखें वीडियो.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.






