
'हमारे काम का तरीका अलग-अलग...', DOGE को लेकर मस्क से अनबन पर बोले विवेक रामास्वामी
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भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक एलॉन रामास्वामी ने कहा कि संघीय नौकरशाही के सफाए के लिए बनाए गए DOGE को लेकर उनकी और मस्क की अप्रोच बिल्कुल अलग-अलग रही है.
अमेरिका की डोनाल्ड ट्रंप सरकार में नौकरशाही के क्लीनअप के लिए बनाए गए डिपार्टमेंट ऑफ गवर्मेंट एफिशियंसी (DOGE) से भारतीय मूल के विवेक रामास्वामी का अलग होना चर्चा में बना हुआ है. इस बीच जब उनसे पूछा गया कि क्या वह एलॉन मस्क की वजह से इससे अलग हुए हैं तो उन्होंने साफगोई से इसका जवाब दिया.
रामास्वामी ने कहा कि संघीय नौकरशाही के सफाए के लिए बनाए गए DOGE को लेकर उनकी और मस्क की अप्रोच बिल्कुल अलग-अलग रही है. लेकिन हमारे बीच कभी किसी तरह की अनबन नहीं रही.
विवेक रामास्वामी ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि टेक्नोलॉजी और डिजिटल अप्रोच के लिए रामास्वामी से बेहतर कोई शख्स नहीं है. DOGE की अगुवाई के लिए मस्क से बेहतर कोई नहीं हो सकता.
यह पूछने पर कि क्या उनके और मस्क के बीच किसी तरह की अनबन हुई है? इस पर रामास्वामी ने कहा कि यह गलत है. मैं कहूंगा कि हमारे काम करने का तरीका अलग है. मैं संवैधानिक नियमों पर अधिक फोकस करता हूं जबकि मस्क का फोकस टेक्नोलॉजी पर है.
अब समझ लेते हैं कि DOGE क्या है? और ट्रंप के इस नए डिपार्टमेंट का नाम कहां से आया है? दरअसल डोजेकॉइन एक पॉपुलर क्रिप्टोकरेंसी है और इसे साल 2013 में बनाया गया था. Dogecoin को Billy Markus और Jackson Palmer ने साल 2013 में लॉन्च किया था. इसमें Shiba Inu dog की फोटो लगी है.
दिलचस्प बात ये है कि Bitcoin और दूसरी क्रिप्टोकरेंसी का मजाक उड़ाने के लिए Dogecoin को क्रिएट किया गया था, लेकिन साल 2021 में ये क्रिप्टोकरेंसी चर्चा में आई. इसके चर्चा में आने की वजह भी एलॉन मस्क ही थे.

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