
हत्या के दो मामलों में वांछित आरोपी को क्राइम ब्रांच ने किया गिरफ्तार, गर्दन पर बने टैटू से हुई पहचान
AajTak
दिल्ली क्राइम ब्रांच ने सूचना के आधार पर अलीगढ़ रेलवे स्टेशन से हत्या के दो मामलों में वांछित एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. आरोपी की पहचान उसकी गर्दन पर बने टैटू के आधार पर पुलिस ने की.
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने हत्या के दो मामलों में वांछित एक आरोपी को गिरफ्तार किया है. अदालत में एनबीडब्ल्यू भी जारी किया है. क्राइम ब्रांच की टीम ने गीता कॉलोनी दिल्ली के रहने वाले 27 वर्षीय सुजीत कुमार को अलीगढ़ रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया है. सुजीत हत्या, हत्या के प्रयास और एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में वांछित चल रहा था. पुलिस ने उसे गर्दन पर बने टैटू से पहचाना.
जानकारी के अनुसार, पुलिस को सूूचना मिली कि हत्या और प्रयास सहित कई मामलों में शामिल सुजीत नाम का अपराधी अलीगढ़ में देखा गया है. वह आर्म्स एक्ट, हत्या के प्रयास के मामले में वांछित है. पिछले साल कड़कडूमा की अदालत ने उसे अपराधी घोषित किया था. पुलिस ने सूचना के बाद पुलिस टीम अलीगढ़ रेलवे स्टेशन पर पहुंची. इस दौरान पुलिस दल की मौजूदगी का पता लगने पर आरोपी ने ट्रेन के डिब्बे में छिपने की कोशिश की, लेकिन टीम के एक सदस्य ने उसे उसकी गर्दन पर बने एक टैटू को देखकर पहचान लिया.
आरोपी सुजीत कुमार ने रेलवे स्टेशन से भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया. सुजीत कुमार के खिलाफ कोर्ट ने एनबीडब्ल्यू भी जारी किया है. आरोपी सुजीत कुमार गीता कॉलोनी दिल्ली दिल्ली में रहनता है. वह मूल रूप से बिहार का रहने वाला है. उसने 11वीं तक पढ़ाई की. 2014 में पढ़ाई के दौरान एक हत्या के मामले में वह आरोपी था. इसके बाद वह एनडीपीएस एक्ट, डकैती, हत्या, हत्या के प्रयास और चोरी के विभिन्न मामलों में शामिल था.

यूपी में जल जीवन मिशन में लापरवाही पर सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है. 12 जिलों के 26 इंजीनियरों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 12 को निलंबित किया गया, जबकि अन्य पर जांच, नोटिस और तबादले की कार्रवाई हुई है. खराब गुणवत्ता, धीमी प्रगति और शिकायतों के बाद यह कदम उठाया गया. सरकार ने स्पष्ट किया है कि हर घर नल योजना में किसी भी तरह की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

कड़क है नॉर्थ बंगाल की चुनावी चाय! 54 सीटों में छुपा सत्ता का स्वाद, स्विंग वोटर्स करेंगे असली फैसला
उत्तर बंगाल की 54 सीटें पश्चिम बंगाल की सत्ता की चाबी मानी जाती हैं, जहां चुनावी ‘चाय’ का स्वाद हर बार बदलता है. टीएमसी और बीजेपी के बीच सीधी टक्कर में यह इलाका स्विंग जोन की भूमिका निभाता है. चाय बागान, पहाड़ी राजनीति, आदिवासी और राजवंशी वोटबैंक जैसे कई फैक्टर नतीजों को प्रभावित करते हैं. छोटे वोट शिफ्ट भी यहां बड़ा असर डाल सकते हैं, जिससे तय होगा कि राज्य की सत्ता किसके हाथ जाएगी.

मर तो वो 13 साल पहले गया था लेकिन मौत सचमुच तब उसके हिससे में आई जब इस चिता में लेटने के बाद जब हरीश की आत्मा की लाइट यानी रोशनी चिता से उठती इस आग के साथ मिलकर हमेशा-हमेशा के लिए ये दुनिया छोड़ गई. पर इस दुनिया को छोड़ने से पहले हरीश आजादा भारत के इतिहास का पहला भारतीय बन गया जिसे अदालत और अस्पताल ने मिलकर मां-बाप की इच्छा को ध्यान में रखते हुए इच्छामृत्यु दी.










