
स्वाति मालीवाल के साथ मारपीट का मामला, बिभव की जमानत अर्जी पर SC ने दिल्ली पुलिस से मांगा जवाब
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स्वाति मालीवाल के साथ कथित मारपीट मामले में बिभव कुमार जेल में बंद हैं. उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. हाई कोर्ट ने उन्हें जमानत देने से इनकार किया था. SC में उनकी जमानत पर अब अगली सुनवाई 27 अगस्त के लिए तय की गई है.
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के पीए बिभव कुमार की जमानत याचिका पर 21 अगस्त तक जवाब दाखिल करने को कहा है. उनपर आम आदमी पार्टी की राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल के साथ मारपीट का आरोप है. वह जेल में हैं और उन्होंने कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दाखिल की है. इस पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को आदेश जारी किया.
दिल्ली पुलिस का प्रतिनिधित्व कर रहे अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने जवाब तैयार करने के लिए तीन सप्ताह का समय मांगा, लेकिन वरिष्ठ वकील अभिषेक सिंघवी ने इस अनुरोध का विरोध किया. उन्होंने तर्क दिया कि आरोप पत्र पहले ही दाखिल किया जा चुका है.
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सुप्रीम कोर्ट में 27 अगस्त को होगी अगली सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने पहले बिभव कुमार की कथित संलिप्तता पर कड़ी प्रतिक्रिया दी थी, और सवाल किया कि क्या उनके जैसे किसी शख्स को मुख्यमंत्री के आवास पर काम करना चाहिए. कोर्ट ने घटना के बारे में मिली जानकारी पर भी आश्चर्य जताया, जिसपर दिल्ली हाई कोर्ट ने भी प्रतिक्रिया दी थी. मसलन, बिभव ने कथित रूप से स्वाति मालीवाल के साथ मारपीट की थी और गाली गलौज की थी.
सुप्रीम कोर्ट ने एसवी राजू से 21 अगस्त तक जवाब दाखिल करने को कहा और मामले की सुनवाई 27 अगस्त तक के लिए टाल दी. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने कुमार पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, "क्या इस तरह के गुंडे को सीएम आवास में काम करने चाहिए?"

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