
स्पर्म-एग किसी और का, गर्भ किसी और का, 24 साल की एक लड़की की कहानी
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कई देशों में सरोगेसी का चलन बढ़ता जा रहा है, खासतौर से UK में सरोगेट मदर की मांग बढ़ती जा रही है. इसी मुद्दे पर 'द सेरोगेट्स' नाम से BBC Three चैनल पर एक डॉक्यूमेंट्री दिखाई गई है. इसमें सरोगेसी की पूरी प्रक्रिया, सरोगेट मदर और सरोगेसी से बनने वाले पेरेंट्स के बारे में बहुत अच्छे से समझाने की कोशिश की गई है.
कई देशों में सरोगेसी का चलन बढ़ता जा रहा है. सरोगेसी में महिलाएं किसी दूसरे के बच्चे को अपने गर्भ में पालती हैं. भारत में भी कई सेलिब्रिटी पैरेंट्स बनने के लिए सरोगेसी यानी किराए की कोख का सहारा ले चुके हैं. हालांकि, सरोगेट मदर का चुनाव लोग कैसे करते हैं और ये प्रक्रिया कितनी मुश्किल है, क्या बच्चे के जन्म के बाद सरोगेट मदर की कोई भूमिका नहीं रह जाती है? ऐसे कई सवाल लोगों के मन में आते रहते हैं. सरोगेसी में कोई महिला अपने या फिर डोनर के एग्स के जरिए किसी दूसरे कपल के लिए प्रेग्नेंट होती है. आमतौर पर बच्चा होने के बाद सरोगेट मदर का पेरेंट्स के साथ कोई संबंध नहीं रहता है लेकिन कुछ सरोगेट मदर बच्चा होने के बाद भी क्लाइंट से रिश्ता कायम रखती हैं. 24 साल में ही सरोगेट मदर बन चुकीं एम्मा ने बीबीसी थ्री से अपना अनुभव शेयर किया है. 24 साल की सरोगेट मदर एम्मा ने बीबीसी थ्री से बताया, वो हमेशा से खुद का बच्चा होने से पहले किसी और के बच्चे की मां बनना चाहती थीं. एम्मा कहती हैं, 'मुझे दूसरे कपल की मदद करना अच्छा लगता है.' एम्मा का खुद का भी साढ़े तीन साल का एक बच्चा है.
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