
स्कूटी को मारी टक्कर तो महिला ने पुलिस गाड़ी पर चढ़ इंस्पेक्टर को रोका, लेकिन दर्ज हो गई FIR
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Jaipur News: हादसे का शिकार हुई महिला पुलिस की गाड़ी के बोनट के ऊपर बैठकर इंस्पेक्टर को गाड़ी से नीचे उतारने के लिए हंगामा करने लगी. लेकिन जब सोशल मीडिया पर महिला का यह वीडियो वायरल हुआ तो पुलिस ने महिला सहित उसके परिजनों के खिलाफ राजकार्य में बाधा का मुकदमा ठोक दिया.
'उल्टा चोर कोतवाल को डांटे' वाला मुहावरा इस समय राजस्थान की जयपुर पुलिस पर बिलकुल सटीक बैठ रहा है. क्योंकि पहले एक ट्रैफिक पुलिस इंस्पेक्टर नशे में अपनी गाड़ी से एक राह चलते स्कूटी सवार दंपती को टक्कर मारता है और जब मौके पर मौजूद लोग उसे पकड़ लेते हैं तो पूरा पुलिस तंत्र उसे बचाने में जुट जाता है. मौके पर पुलिस की एकतरफा कार्यप्रणाली से खफा लोग जब हंगामा करते हैं तो पुलिस उन्हें कानून का पाठ पढ़ाती हुई नजर आती है. हादसे का शिकार हुई महिला पुलिस की गाड़ी के बोनट के ऊपर बैठकर इंस्पेक्टर को गाड़ी से नीचे उतारने के लिए हंगामा करने लगी. लेकिन जब सोशल मीडिया पर महिला का यह वीडियो वायरल हुआ तो पुलिस ने महिला सहित उसके परिजनों के खिलाफ राजकार्य में बाधा का मुकदमा ठोक दिया.
दरअसल, जयपुर के गोपालपुरारा बाईपास पर त्रिवेणी पुलिया के पास बीते शनिवार देर रात एक ट्रैफिक इंस्पेक्टर ने अपनी निजी कार से एक स्कूटी सवार दंपती को टक्कर मार दी. हालांकि हादसे में किसी को कोई खास चोट नहीं लगी लेकिन हादसे के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई. मौके पर पहुंची पुलिस ने भी एक्सीडेंट करने वाले इंस्पेक्टर को बचाकर पुलिस गाड़ी में बैठा लिया. तभी स्कूटी सवार दंपती की मां ने हंगामा करते हुए उसी पुलिस की गाड़ी पर बैठ गई. देखें Video:-
महिला ने आरोप लगाया कि शराब के नशे में पुलिस इंस्पेक्टर ने उनकी स्कूटी को टक्कर मारी है लेकिन पुलिस उसे बचा रही है. मौके पर हंगामा बढ़ते देख पुलिस ने समझाइश कर मामला शांत करवाया. इसके बाद पीड़ित ने एसआई के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज करवाई लेकिन तभी उसी थाने के एएसआई रामपाल जाट ने भी एफआईआर दर्ज करवा दी.
पूरे घटनाक्रम को लेकर महेशनगर पुलिस थाने की सीआई कविता शर्मा का कहना है कि घटना के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए परिवादी की रिपोर्ट दर्ज कर एसआई की कार को भी जब्त कर लिया. लेकिन मौके पर पुलिस कार पर बैठकर तोड़फोड़ करने वाली महिला सहित अन्य लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया है.
पुलिस के अनुसार, मुकेश चौधरी, रेखा, रमेश और कृष्णा देवी ने राजकार्य में बांधा पहुंचाई और पुलिस गाड़ी में तोड़फोड़ की इसलिए उनके खिलाफ भी शिकायत दर्ज की है. पुलिस का तर्क है कि महिला सहित उसके परिजनों ने पुलिस की 112 चेतक पर चढ़कर तोड़फोड़ मचाई जिसकी रिकॉडिंग उनके पास है. हालांकि, जब तोड़फोड़ की रिकॉडिंग मांगी तो पुलिस ने जांच चल रही है बोलकर इतिश्री कर ली.

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