
सौर ऊर्जा से जगमगाएगी सूर्यवंशी भगवान राम की नगरी, स्ट्रीट लाइट्स पर होगी साउथ इंडिया की थीम
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अयोध्या के राम मंदिर में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी को होने जा रही है. इसके लिए शहर के सौन्दर्यीकरण का कार्य तेजी के साथ किया जा रहा है. इसमें भी इस बात का ध्यान रखा जा रहा है कि राम की नगरी के प्रतीक चिह्न हर जगह दिख सकें. साथ ही यह पूरे भारत को जोड़ने वाले हों. सूर्यवंशी की नगरी को भी सूर्य की ही ऊर्जा से रोशन करने की योजना है.
सूर्यवंशी भगवान राम की नगरी अयोध्या को जगमगाने के लिए भगवान सूर्य की ही ऊर्जा का प्रयोग किया जाएगा. अयोध्या में सौर ऊर्जा से राम मंदिर समेत पूरे शहर को जगमगाया जाएगा. उत्तर प्रदेश सरकार अयोध्या को सोलर सिटी के तौर पर विकसित कर रही है.
इसी कड़ी में अयोध्या शहर को जगमगाने के लिए एनटीपीसी 40 मेगावाट का सोलर प्लांट लगा रही है. 22 जनवरी को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के समय यह सोलर प्लांट 10 मेगावाट बिजली का उत्पादन शुरू कर देगा और मार्च महीने में बाकी 30 मेगावाट का भी उत्पादन शुरू हो जाएगा.
अयोध्या शहर की 50 फीसदी बिजली की आपूर्ति इसी सौर ऊर्जा प्लांट से होगी. 165 एकड़ में फैले इस सोलर प्लांट में 1 लाख सोलर पैनल लगाए जाएंगे. यानी सूर्यवंशी भगवान राम की नगरी को सूर्य की ही ऊर्जा से जगमग करने की योजना है.
दक्षिण भारत को जोड़ेंगी यहां की स्ट्रीट लाइट्स
एक तरफ अयोध्या का राम मंदिर जहां अपना भव्य आकार ले रहा है, वहीं दूसरी तरफ शहर में जगह-जगह सौंदर्यीकरण का काम चल रहा है. इस कार्य में भी भगवान राम और उनके जीवन चरित्र का दर्शन होगा. राम मंदिर और हनुमानगढ़ी की तरफ जाने वाले रास्ते से जैसे ही वीणा चौराहे की तरफ बढ़ेंगे, अनोखे ढंग की स्ट्रीट लाइट लगी दिखेंगी.
इनको भगवान राम के सूर्यवंशी थीम पर लगाया गया है. सूर्य और उसके चारों तरफ निकलती किरणों की डिजाइन में लगी ये स्ट्रीट लाइट्स बहुत खास दिखती हैं. इसके अलावा इन स्ट्रीट लाइट में उत्तर और दक्षिण भारत के समागम वाले चिह्न भी नजर आएंगे. सड़क के बीचों बीच लगी इन स्ट्रीट लाइट पर दक्षिण भारत में भगवान को लगाए जाने वाले तिलक को थीम बनाया गया है. इस डिजाइन पर स्ट्रीट लाइट के फ्रेम सजाए गए हैं.

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