
सुनेत्रा पवार ही होंगी पावर सेंटर, क्या शरद पवार को अब NCP का विलय मंजूर होगा?
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एनसीपी की राजनीति में सुनेत्रा पवार धीरे धीरे पावर सेंटर बनने की दिशा में बढ़ रही हैं. अब तक महाराष्ट्र की राजनीति में शरद पवार के पावर की चर्चा हुआ करती थी, लेकिन अब वो बीते दिनों की बात होने जा रही है - लेकिन, जो कुछ भी हो रहा है उसमें बीजेपी की भी महत्वपूर्ण भूमिका है.
NCP के दोनों पक्षों के विलय का मामला भले ही होल्ड पर चला गया हो, लेकिन सुनेत्रा पवार के आसपास की राजनीतिक गतिविधियां नहीं थमी हैं. कुछ बातें तो सीनियर नेताओं के तात्कालिक फैसलों की बदौलत सामने आई हैं, लेकिन कई चीजें ऐसी भी हैं जिनका इंतजाम अजित पवार ने पहले से ही कर दिया है - जिला परिषद चुनावों के बाद वे चीजें भी धीरे धीरे सामने आ जाएंगी.
एक तस्वीर तो पहले ही साफ हो गई थी, और सुनेत्रा पवार उसके मुताबिक महाराष्ट्र सरकार में डिप्टी सीएम बन भी गईं, लेकिन प्रफुल्ल पटेल के एनसीपी का अध्यक्ष बनाए जाने की चर्चा अब खत्म हो चुकी है. अब सुनेत्रा पवार को ही सारा पावर देने की तैयारी चल रही है.
आगे जो कुछ भी होने वाला है, आने वाले दिनों में ये सब सुनेत्रा पवार ही सुपर पावर बनती नजर आ रही हैं - ज्यादा क्रेडिट तो अजित पवार को ही जाता है, थोड़ा बहुत सुनेत्रा पवार के साथी सीनियर नेताओं और बीजेपी को श्रेय दिया जा सकता है.
सुनेत्रा पवार का सुपर पावर बनना
महाराष्ट्र की राजनीति में पवार का पावर लंबे समय तक देखा जा चुका है. खत्म तो अब भी नहीं हुआ है, लेकिन अब वो बात नहीं रही. क्योंकि, अब सुनेत्रा पवार ही बारामती से मुंबई तक सुपर पावर बनने जा रही हैं. और, ये इंतजाम अजित पवार पहले से ही कर चुके हैं. हां, एक ही कंडीशन है, ये सब बीजेपी को भी मंजूर हो.
महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी और डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार को एनसीपी का नया राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. महाराष्ट्र में 12 जिला परिषदों और 125 पंचायत समितियों के चुनाव 5 फरवरी को होंगे. मतगणना 7 फरवरी को होगी - और उसके बाद ही एनसीपी (अजित पवार) की कार्यसमिति की मीटिंग बुलाई जाएगी. बताते हैं, बैठक में एनसीपी के अगले अध्यक्ष के तौर पर सुनेत्रा पवार के नाम का प्रस्ताव रखा जाएगा, और मंजूरी मिलते ही वो औपचारिक रूप से कार्यभार संभाल लेंगी.

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