
सुखबीर बादल को सजा सुनाने वाले SGPC के जत्थेदार बैन, जानें किस मामले के चलते लिया गया एक्शन
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तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह पर मुक्तसर निवासी गुरप्रीत सिंह ने उत्पीड़न का आरोप लगाया था. इस आरोप के बाद ही शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति ने ज्ञानी हरप्रीत सिंह को अपने कर्तव्यों का पालन करने से रोक दिया है.
शिरोमणि अकाली दल (SAD) के मुखिया सुखबीर सिंह बादल को धार्मिक सजा सुनाने वालों में शामिल जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह को कर्तव्यों का पालन करने से रोक दिया गया है. ज्ञानी हरप्रीत सिंह पंजाब के पूर्व डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल को सजा सुनाने वाले पांच सिंह साहिबानों में शामिल थे.
न्यूज एजेंसी के मुताबिक तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह पर मुक्तसर निवासी गुरप्रीत सिंह ने उत्पीड़न का आरोप लगाया था. इस आरोप के बाद ही शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति ने ज्ञानी हरप्रीत सिंह को अपने कर्तव्यों का पालन करने से रोक दिया है.
एसजीपीसी ने ज्ञानी हरप्रीत सिंह पर लगे आरोपों की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति भी गठित कर दी है. फिलहाल ज्ञानी हरप्रीत सिंह की जगह दमदमा साहिब के मुख्य ग्रंथी उनकी जगह सेवाएं प्रदान करेंगे.
ज्ञानी हरप्रीत सिंह पर फिलहाल बैन लगाने का फैसला लुधियाना के गुरुद्वारा देगसर साहिब कटाना में हुई कार्यकारी समिति की विशेष बैठक में लिया गया. यह बैठक एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी के नेतृत्व में हुई.
बैठक में फैसला, जांच जरूरी
बैठक में दमदमा साहिब के जत्थेदार हरप्रीत सिंह के खिलाफ की गई गुरप्रीत सिंह की शिकायत को लेकर लंबी चर्चा हुई. एसजीपीसी ने एक बयान में कहा कि कार्यकारी समिति ने माना कि इस पद की गरिमा और सम्मान को ध्यान में रखते हुए जत्थेदार के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जांच करना जरूरी है.

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