
सीरिया में भीषण गृह युद्ध, अब तक 1000 से अधिक मौतें, जमीन पर बिखरे पड़े दिखे शव
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ब्रिटेन स्थित युद्ध निगरानी संस्था सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने कहा कि सीरिया के तटीय क्षेत्र में नए इस्लामवादी शासकों और बशर अल-असद के अलावी संप्रदाय के लड़ाकों से जुड़े बंदूकधारियों और सुरक्षा बलों के बीच दो दिनों के संघर्ष में 1,000 से अधिक लोग मारे गए हैं.
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में 7 मार्च को सीरिया के लताकिया के अल शिल्फतियाह में जमीन पर कई शव बिखरे हुए दिखाई दिए. रॉयटर्स ने सड़क के लेआउट, इमारतों की बनावट, सड़क के खंभों और पेड़ों के आधार पर वीडियो के स्थान की पुष्टि की है, जो सीरिया के लताकिया और हफ्फी के बीच सड़क पर स्थित एक शहर है. हालांकि, रॉयटर्स ने वीडियो की तारीख या शवों की पहचान की पुष्टि नहीं की.
वायरल वीडियो मृतकों के कपड़ों को देखकर लगता है कि वे नागरिक हैं. लेकिन रॉयटर्स यह सत्यापित नहीं कर सका कि मृतकों का संबंध बशर अल असद के पतन के बाद हुई सबसे भीषण सांप्रदायिक हिंसा से था या नहीं. सीरिया के सुरक्षा सूत्रों ने बताया कि 6 मार्च को उनके जवानों पर घात लगाकर किए गए हमलों के बाद पूर्व राष्ट्रपति असद के प्रति निष्ठा रखने वाले पूर्व सैन्यकर्मियों के साथ हुई झड़पों में उनके कम से कम 200 सदस्य मारे गए.
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ये हमले उस समय बदले की भावना से किए गए, जब देश भर से सीरिया के नए नेताओं के हजारों सशस्त्र समर्थक, नए प्रशासन की घिरी हुई सेनाओं का समर्थन करने के लिए तटीय क्षेत्रों में उतर आए. अधिकारियों ने शिया अल्पसंख्यक समुदाय के दर्जनों युवकों की हत्या, गांवों और कस्बों में उनके घरों पर घातक हमलों के लिए मिलिशिया संगठनों को जिम्मेदार ठहराया है. बता दें कि बशर अल-असद भी शिया अल्पसंख्यक समुदाय से ही आते हैं, जिन्होंने सीरिया पर दो दशक से अधिक समय तक शासन किया.
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सीरिया के मौजूदा प्रशासन ने कहा कि ये मिलिशिया संगठन सुरक्षा बलों की मदद करने आए थे. ये संगठन पिछले अपराधों के लिए लंबे समय से असद के समर्थकों को दोषी ठहराते रहे हैं. ब्रिटेन स्थित युद्ध निगरानी संस्था सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स (SOHR) ने कहा कि सीरिया के तटीय इलाकों में जारी लड़ाई, 13 वर्ष पुराने गृहयुद्ध में सबसे भीषण हिंसा में से एक है. एसओएचआर ने कहा कि सीरिया के तटीय क्षेत्र में नए इस्लामवादी शासकों और बशर अल-असद के अलावी संप्रदाय के लड़ाकों से जुड़े बंदूकधारियों और सुरक्षा बलों के बीच दो दिनों के संघर्ष में 1,000 से अधिक लोग मारे गए हैं.

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