
सिरदर्द होने पर नर्स ने खाईं 2 टैबलेट, चोरी के लिए हॉस्पिटल ने नौकरी से निकाला!
AajTak
एक हॉस्पिटल में कार्यरत नर्स ने बिना अनुमति के दवाओं का सेवन कर लिया क्योंकि उनके सिर में दर्द हो रहा था. इस पर उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया. नर्स की कथित चोरी करने की घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी. बाद में कोर्ट से भी नर्स को कोई राहत नहीं मिली.
एक नर्स को हॉस्पिटल में ड्यूटी के दौरान सिरदर्द हुआ. इस पर उन्होंने हॉस्पिटल के दवाखाने से दो टेबलेट लेकर खा लीं. अस्पताल ने इसे चोरी माना और मामले की जानकारी पुलिस को दी. इस चोरी की वजह से उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया. वहीं हॉस्पिटल ने नर्स को नौकरी से निकालने के फैसले पर प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने भी इस मामले में नर्स को सजा सुनाई है.
32 साल की फ्रांसेस्का मॉर्गन ब्रिटेन के लिवरपूल के वूल्टन की रहने वाली हैं. वह लिवरपूल में मौजूद एरो पार्क हॉस्पिटल में कार्यरत थीं. ड्यूटी के दौरान उन्हें तबीयत ठीक नहीं लगी तो उन्होंने हॉस्पिटल की फार्मेसी से Co-codamol और Paracetamol टेबलेट का सेवन कर लिया.
फ्रांसेस्का जब ये टेबलेट खा रही थीं तो पूरी घटना CCTV कैमरे में भी रिकॉर्ड हो गई और हॉस्पिटल के स्टाफ ने उनको पकड़ लिया.
शुरुआती जांच में सामने आया कि उन्होंने बिना लिखित अनुमति के इन गोलियों का सेवन किया. इस जुर्म की वजह से उनकी पेशी विरेल मजिस्ट्रेट्स कोर्ट (Wirral magistrates court) में हुई. कोर्ट में फ्रांसेस्का चोरी के दो मामलों में दोषी पाई गईं. फ्रांसेस्का ने दोनों चोरियां पिछले साल 6 जून और 18 जून को की थीं.
वहीं, अस्पताल ने इस दौरान यह भी नोटिस किया कि कुछ दवाएं हॉस्पिटल से गायब हो रही थीं. हॉस्टिपल को शक था कुछ कर्मचारी दवाएं कथित तौर पर चोरी कर रहे हैं. इसके बाद पुलिस को भी मामले की जानकारी दी गई. फिर हॉस्पिटल के स्टाफ ने एक सीक्रेट CCTV कैमरा लगा दिया. इसके बाद ही फ्रांसेस्का कथित चोरी करते हुए पकड़ ली गईं.
'नर्स ने सारी दवाएं चोरी नहीं कीं' प्रॉसेक्यूटर यवोन डॉब्सन (Yvonne Dobson) ने कहा कि हर दिन हॉस्पिटल में टैबलेट काउंट की जाती थीं, इस बारे में हॉस्पिटल के स्टाफ को जानकारी नहीं थी. हॉस्पिटल के कई कर्मचारी दवाओं को लेकर उचित प्रोसीजर का पालन नहीं कर रहे थे. इसी वजह से अस्पताल में कैमरा लगाया गया.

युद्ध के 24वें दिन आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चौंकाने वाला बड़ा ऐलान किया. ट्रंप ने कहा कि बीते 2 दिनों से हो रही बातचीत के बाद मैंने ईरानी पावर प्लांट्स पर 5 दिनों के लिए हमले करना रोक दिया है. गौरतलब है कि भारतीय समय से आज रात ही ईरानी पावर प्लांट्स पर हमला करने की ट्रंप की डेडलाइन पूरी हो रही थी. सवाल ये है कि क्या ट्रंप ने अचानक यू टर्न लिया है? अगर ईरान के साथ बीते 2 दिनों से बातचीत हो रही थी तो लगभग 2 दिनों पहले उन्होंने अल्टीमेटम क्यों दिया था? क्यों उन्होंने शक्ति से शांति की बात की थी? सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान के तेवरों के आगे ट्रंप एग्जिट रूट ढूंढ रहे हैं? ट्रंप के ऐलान से क्या युद्ध रुक जाएगा? क्या ईरान और इजरायल युद्ध रोकेंगे? ईरान की मीडिया के अनुसार अमेरिका से ईरान का कोई संपर्क नहीं है.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.

ईरान लगातार इजरायल को निशाना बना रहा है. यरुशलम में ईरान के हमले की आशंका को लेकर सायरन बजे. आनन-फानन में लोग बम शेल्टर की ओर भागे. ये सायरन ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी देते हैं. हमसे ले पहले कुछ मिनटों का ही समय होता है जिसमें इजरायली नागरिक अपने करीबी बम शेल्टर में तब तक शरण लेते हैं जब तक कि खतरा टल न जाए. देखें वीडियो.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.

तेल टैंकरों के लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का रास्ता खोलने को लेकर ईरान को ट्रंप ने 48 घंटे की धमकी थी. समय सीमा खत्म होने से पहले ही नेटो एक्शन में आ गया है. नेटो महासचिव ने बताया कि होर्मुज में मुक्त आवाजाही सुवनिश्चित करने के लिए 22 देशों का समूह बन रहा है. साथ ही उन्होनें कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का कदम जरूरी था.







