
साइबर अपराधियों पर कसा CBI का शिकंजा, FBI और इंटरपोल के साथ मिलकर 35 ठिकानों पर छापेमारी, अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का खात्मा
AajTak
CBI की Operation CyStrike में FBI समेत कई देशों की एजेंसियों के साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोहों पर बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. इस दौरान केंद्रीय एजेंसी ने 35 ठिकानों पर छापेमारी की है. पढ़ें पूरी कहानी.
Operation CyStrike: वो 30 जनवरी 2026 का दिन था, जब सुबह अचानक देश-दुनिया की साइबर दुनिया में हलचल मच गई. भारत की केंद्रीय जांच एजेंसी CBI ने एक बड़े और सुनियोजित अभियान को अंजाम दिया, जिसका नाम रखा गया- ‘Operation CyStrike’. इस ऑपरेशन का मकसद था उन अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोहों को तोड़ना, जो भारत से बैठकर कई देशों के लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी का शिकार बना रहे थे. यह कार्रवाई सिर्फ भारत तक सीमित नहीं थी, बल्कि इसमें कई देशों की एजेंसियां शामिल थीं.
FBI समेत कई देशों की एजेंसियां शामिल इस ऑपरेशन की सबसे बड़ी खासियत इसका अंतरराष्ट्रीय तालमेल था। CBI ने अमेरिका की FBI, यूनाइटेड किंगडम, कुवैत, आयरलैंड और सिंगापुर की कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ मिलकर यह कार्रवाई की. इंटरपोल की मदद से सूचनाओं का आदान-प्रदान हुआ और ठगों के नेटवर्क को ट्रैक किया गया. अधिकारियों के मुताबिक, यह साइबर अपराध के खिलाफ अब तक की सबसे संगठित बहुराष्ट्रीय कार्रवाई में से एक है.
एक साथ 35 ठिकानों पर छापेमारी Operation CyStrike के तहत एक ही दिन देशभर में 35 जगहों पर एकसाथ छापेमारी की गई. दिल्ली, बिहार, महाराष्ट्र, कर्नाटक, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल तक CBI की टीमें पहुंचीं. हर जगह से डिजिटल सबूत जुटाए गए और संदिग्धों से पूछताछ की गई. अचानक हुई इस कार्रवाई से साइबर ठगों में अफरा-तफरी मच गई.
विदेशी नागरिकों को ठगने का खेल जांच में सामने आया कि आरोपी Pfokrehrii Peter फर्जी और छद्म ऑनलाइन पहचान का इस्तेमाल करता था. वह अमेरिका, ब्रिटेन, कुवैत, आयरलैंड, सिंगापुर और भारत के लोगों को निशाना बनाता था. डिजिटल फ्रॉड स्कीम्स के जरिए वह लोगों से पैसे ऐंठता और फिर रकम को अलग-अलग खातों में घुमा देता था. लंबे समय से चल रहे इस खेल का पर्दाफाश आखिरकार CyStrike में हुआ.
अमेरिका को टारगेट करने वाला मॉड्यूल दिल्ली में हुई छापेमारी के दौरान CBI ने एक ऐसे साइबर फ्रॉड मॉड्यूल को तोड़ा, जो खासतौर पर अमेरिकी नागरिकों को निशाना बना रहा था. जांच एजेंसी ने लैपटॉप, मोबाइल फोन, हार्ड डिस्क और कई डिजिटल डिवाइस जब्त किए. इन उपकरणों में ठगी से जुड़े अहम डिजिटल सबूत मिले. मौके से इस नेटवर्क के एक अहम ऑपरेटिव को गिरफ्तार भी किया गया है.
ई-वीजा के नाम पर ठगी का खुलासा Operation CyStrike की दूसरी बड़ी कामयाबी फर्जी कुवैत वीजा स्कैम का खुलासा है. यह गिरोह eservicemoi-Kw.com नाम की वेबसाइट के जरिए खुद को कुवैत सरकार की ई-वीजा और रिक्रूटमेंट सेवा बताता था. दिल्ली, गाजियाबाद और कर्नाटक से यह नेटवर्क ऑपरेट हो रहा था, जो देखने में पूरी तरह प्रोफेशनल लगता था.

महाराष्ट्र के नासिक में खुद को धर्मगुरु बताने वाले अशोक कुमार खरात पर दुष्कर्म, शोषण, जबरन गर्भपात, ठगी और जमीन विवाद में हत्या जैसे गंभीर आरोप लगे हैं. मामला एक गर्भवती महिला की शिकायत से सामने आया, जिसके बाद स्पाई कैमरे से 100 से ज्यादा वीडियो मिले. कई महिलाओं ने सालों तक शोषण का आरोप लगाया है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और जांच जारी है, जिसमें और बड़े खुलासों की आशंका है.

वेस्ट एशिया में छिड़ी जंग के बाद पैदा हुए हालातों पर प्रधानमंत्री लोकसभा को संबोधित कर रहे हैं. इस बीच उन्होंने कहा कि अब इस संकट को 3 सप्ताह से ज्यादा हो रहा है. इसका पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था पर, लोगों के जीवन पर बहुत ही विपरित असर हो रहा है. इसलिए पूरी दुनिया इस संकट के जल्द से जल्द समाधान के लिए सभी पक्षों से आग्रह भी कर रही है.











