
सांसद Sunny Deol ने गोद लिया गांव, मगर कार्यक्रम में खुद नहीं हुए शामिल
AajTak
पंजाब के गुरदासपुर के सांसद सनी देओल ने गुरदासपुर हल्के का गांव भोपर सेदा को गोद लिया है. गोद लेने की प्रक्रिया को उनके निजी सहायक पंकज शर्मा ने पूरा किया. सांसद इस कार्यक्रम में नहीं शामिल हुए. उनके पीए ने कहा कि सनी देओल अपने कुछ कामों में बिजी हैं.
पंजाब के गुरदासपुर से सांसद बनने के बाद अभिनेता सनी देओल (Sunny Deol) अपने निर्वाचन क्षेत्र से गायब हो गए. निर्वाचन क्षेत्र से उनकी यह दूरी बदस्तूर अभी भी जारी है. सांसद ग्राम योजना के तहत उन्होंने गुरदासपुर हल्के के गांव भोपर सेदा को गोद लेने का ऐलान किया था. गांव को गोद लेने की प्रक्रिया के मौके पर सांसद अनुपस्थित रहे.
गांव को गोद लेने के लिए निर्वाचन क्षेत्र में नियुक्त सनी के निजी सहायक पंकज शर्मा ने औपचारिकताएं पूरी कीं. इस दौरान DC गुरदासपुर मोहम्मद अशफाक सहित जिला प्रशासनिक अधिकारी और ग्रामीण मौजूद थे.
सांसद सनी देओल के निजी सहायक पंकज शर्मा ने कहा कि सांसद के पास समय नहीं है. उन्होंने कहा कि सनी देओल की आमदनी फिल्मों से है. सांसद बनना उनके लिए एक सेवा है, इसलिए वह फिलहाल अपने काम में व्यस्त हैं.
पीएम पंकज शर्मा ने कहा कि मैं फिल्मों और निर्वाचन क्षेत्र में उनका निजी सहायक हूं. सनी देओल ने पठानकोट के गांवों को भी गोद लिया है. अब गुरदासपुर के इस गांव को गोद लिया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि बटाला में भी गांव को गोद लिया जाएगा. इन गांवों को अग्रणी गांव बनाया जाएगा. योजना के तहत विकास होगा. सांसद सनी देओल ने राष्ट्रपति चुनाव के दौरान भी अपना वोट नहीं डाला? यह पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सनी देओल उस समय विदेश में थे, व्यस्तता के चलते नहीं आ पाए.
रिपोर्टः बिशंभर बिट्टू

केरल स्टोरी 2 फिल्म को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. मुस्लिम पक्ष इस फिल्म को राष्ट्रीय स्तर पर बीजेपी सरकार का प्रोपेगेंडा बता रहा है. दूसरी ओर, फिल्म मेकर और सरकार के समर्थक कह रहे हैं कि जो भी घटनाएं हुई हैं, उन्हीं पर इस फिल्म की कहानी आधारित है. इसी बीच कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी इस फिल्म पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

मेघालय के शिलॉन्ग से लोकसभा सांसद रिकी एंड्रयू जे सिंगकों का फुटसल खेलते समय अचानक गिरने के बाद निधन हो गया. उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. सक्रिय जनसंपर्क और क्षेत्रीय मुद्दों को संसद में उठाने वाले सिंगकों के निधन से राजनीतिक और सामाजिक हलकों में गहरा शोक है.











