
समुद्र की लहरों के बीच कपल ने की आपत्तिजनक हरकत, हुई कार्रवाई
AajTak
पब्लिक प्लेस में अश्लीलता फैलाने के आरोप में कपल के खिलाफ एक्शन लिया गया है. वीडियो वायरल होने के बाद उनपर ये कार्रवाई हुई है. हैरानी बात ये है कि जब लोग वीडियो शूट कर रहे थे, तब भी कपल नहीं रुके. वो लोगों की तरफ इशारा करते रहे और अश्लील हरकत करने में व्यस्त रहे.
समुद्र की लहरों के बीच अश्लील हरकत करना एक कपल को भारी पड़ गया. पब्लिक प्लेस में अश्लीलता फैलाने के आरोप में उनके खिलाफ एक्शन लिया गया और कपल पर तगड़ा जुर्माना लगाया गया. वीडियो वायरल होने के बाद उनपर ये कार्रवाई हुई. ये मामला कोलंबिया का है.
दरअसल, कोलंबिया के एटलांटिको के प्यूर्टो में समुद्र तट पर लोग मौज-मस्ती कर रहे थे. तभी उनकी नजर एक कपल पर पड़ी, जो समुद्र की लहरों के बीच अश्लील हरकत कर रहे थे. उस वक्त बीच पर बच्चे, बूढ़े, महिलाएं समेत काफी लोग मौजूद थे. कपल की हरकत देखकर लोगों को झटका लगा.
इसी दौरान किसी ने कपल का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया. हैरानी बात ये है कि जब लोग वीडियो शूट कर रहे थे, तब भी कपल नहीं रुके. वो लोगों की तरफ इशारा करते रहे.
कपल को पता था कि लोग उन्हें फिल्मा रहे हैं, फिर भी वे हंसते रहे और पब्लिक को इग्नोर करते रहे. समुद्र की लहरों के बीच में की गई उनकी इस हरकत का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग भड़क उठे. उन्होंने कपल पर कार्रवाई की मांग की.
जिसके बाद स्थानीय प्रशासन ने कपल पर जुर्माना लगाया. हालांकि, जुर्माने की राशि का खुलासा नहीं किया गया है लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक, सार्वजनिक जगहों पर अश्लीलता फैलाने वाले को कम से कम 10 हजार रुपये का जुर्माना देना पड़ता है.
कपल के वीडियो वायरल होने पर कुछ लोगों ने एक्शन की मांग की थी. कार्रवाई की मांग करने वाले लोगों का कहना था कि सार्वजनिक स्थानों पर ऐसी एक्टिविटी की अनुमति नहीं है. कपल ने नियम तोड़ा है, सजा तो मिलनी चाहिए. कुछ का कहना है कि कपल ड्रग्स या शराब के नशे में हो सकते हैं. इसकी भी जांच होनी चाहिए.

ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघेर गलीबाफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका-ईरान वार्ता का दावा फर्जी बताया. उनका कहना है कि यह वित्तीय और तेल बाजार को प्रभावित करने और अमेरिका-इजरायल की रणनीतिक विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए फैलाया गया. ईरान ने किसी भी वार्ता की पुष्टि से इनकार किया.

वेस्ट एशिया में छिड़े युद्ध में आज अमेरिका की तरफ से ऐसे संकेत आए हैं कि जैसे अमेरिका ईरान के सामने थोड़ा झुका हो. अमेरिका ने ईरान के एनर्जी और पावर प्लांट पर हमलों को फिलहाल टाल दिया है. लेकिन सवाल है कि क्यों? अमेरिका और इजरायल का गठबंधन युद्ध के 24 दिनों के बाद भी ईरान को पूरी तरह से झुका नहीं पाया है. शुरुआत में भले ही अमेरिका इजरायल को कामयाबी मिली हो. लेकिन अब तो ऐसा लग रहा है कि जैसे ईरान ने अपने ताकतवर बम युद्ध के इस हिस्से के लिए बचाकर रखे हों. इजरायल के न्यूक्लियर प्लांट तक ईरान के बम गिर रहे हैं. इजरायल का वर्ल्ड क्लास एयर डिफेंस सिस्टम फेल क्यों हो गया.

युद्ध के 24वें दिन आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चौंकाने वाला बड़ा ऐलान किया. ट्रंप ने कहा कि बीते 2 दिनों से हो रही बातचीत के बाद मैंने ईरानी पावर प्लांट्स पर 5 दिनों के लिए हमले करना रोक दिया है. गौरतलब है कि भारतीय समय से आज रात ही ईरानी पावर प्लांट्स पर हमला करने की ट्रंप की डेडलाइन पूरी हो रही थी. सवाल ये है कि क्या ट्रंप ने अचानक यू टर्न लिया है? अगर ईरान के साथ बीते 2 दिनों से बातचीत हो रही थी तो लगभग 2 दिनों पहले उन्होंने अल्टीमेटम क्यों दिया था? क्यों उन्होंने शक्ति से शांति की बात की थी? सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान के तेवरों के आगे ट्रंप एग्जिट रूट ढूंढ रहे हैं? ट्रंप के ऐलान से क्या युद्ध रुक जाएगा? क्या ईरान और इजरायल युद्ध रोकेंगे? ईरान की मीडिया के अनुसार अमेरिका से ईरान का कोई संपर्क नहीं है.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.

ईरान लगातार इजरायल को निशाना बना रहा है. यरुशलम में ईरान के हमले की आशंका को लेकर सायरन बजे. आनन-फानन में लोग बम शेल्टर की ओर भागे. ये सायरन ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी देते हैं. हमसे ले पहले कुछ मिनटों का ही समय होता है जिसमें इजरायली नागरिक अपने करीबी बम शेल्टर में तब तक शरण लेते हैं जब तक कि खतरा टल न जाए. देखें वीडियो.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

ईरान-इजरायल युद्ध आज अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका है, लेकिन शांति की कोई गुंजाइश दिखने के बजाय यह संघर्ष अब एक विनाशकारी मोड़ ले चुका है. ईरान द्वारा इजरायल के अराद और डिमोना शहरों पर किए गए भीषण मिसाइल हमलों से दुनिया हैरान है. ये शहर रणनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील हैं, इसलिए अब यह जंग सीधे तौर पर परमाणु ठिकानों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गई है. युद्ध का सबसे घातक असर ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ा है.






