
समुद्री सुरक्षा पर जोर, उत्तर कोरिया को बताया खतरा, आतंकवाद की निंदा... QUAD ने जारी किया संयुक्त बयान
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क्वाड नेताओं ने कहा, 'हम सब मिलकर लगभग दो अरब लोगों और वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद के एक तिहाई से अधिक का प्रतिनिधित्व करते हैं. हम एक स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध हैं. हम किसी भी अस्थिर करने वाली या एकतरफा कार्रवाई का दृढ़ता से विरोध करते हैं जो बलपूर्वक या दबाव से यथास्थिति को बदलने का प्रयास करती है.'
अमेरिका में शनिवार (स्थानीय समयानुसार) को क्वाड शिखर सम्मेलन आयोजित हुआ. भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के राष्ट्राध्यक्षों ने इसमें शिरकत की. समिट के बाद सदस्य देशों ने एक संयुक्त बयान जारी किया. क्वाड देश समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमत हुए हैं. इसके अलावा उन्होंने उत्तर कोरिया के मिसाइल लॉन्च और क्रॉस बॉर्डर आंतकवाद पर चिंता जाहिर की है और इसकी निंदा की.
क्वाड नेताओं ने संयुक्त बयान में कहा, 'हम घोषणा करते हैं कि अमेरिकी तट रक्षक, जापान तट रक्षक, ऑस्ट्रेलियाई सीमा बल और भारतीय तट रक्षक समुद्री सुरक्षा को आगे बढ़ाने के लिए 2025 में पहला क्वाड-एट-सी शिप ऑब्जर्वर मिशन शुरू करने की योजना बना रहे हैं और भविष्य के आने वाले वर्षों में इंडो-पैसिफिक में आगे के मिशन जारी रखेंगे.'
क्वाड ने की 'MAITRI' की घोषणा
बयान में कहा गया, 'आज हम इंडो-पैसिफिक में प्रशिक्षण के लिए एक नई क्षेत्रीय समुद्री पहल (MAITRI) की घोषणा कर रहे हैं, ताकि क्षेत्र में हमारे साझेदार IPMDA और अन्य क्वाड इनिशिएटिव के माध्यम से प्राप्त उपकरणों को अधिक से अधिक बढ़ा सकें, अपने जल क्षेत्र की निगरानी और सुरक्षा कर सकें, अपने कानूनों को लागू कर सकें और गैरकानूनी गतिविधियों को रोक सकें. हम 2025 में भारत की ओर से MAITRI वर्कशॉप के उद्घाटन की मेजबानी करने की उम्मीद करते हैं.'
'किसी भी तरह की एकतरफा कार्रवाई का विरोध करते हैं'
क्वाड नेताओं ने कहा, 'हम सब मिलकर लगभग दो अरब लोगों और वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद के एक तिहाई से अधिक का प्रतिनिधित्व करते हैं. हम एक स्वतंत्र और खुले इंडो-पैसिफिक के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध हैं. हम किसी भी अस्थिर करने वाली या एकतरफा कार्रवाई का दृढ़ता से विरोध करते हैं जो बलपूर्वक या दबाव से यथास्थिति को बदलने का प्रयास करती है. हम इस क्षेत्र में हाल के अवैध मिसाइल लॉन्च की निंदा करते हैं जो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन हैं. दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के संगठन (ASEAN), प्रशांत द्वीप समूह फोरम (PIF) और हिंद महासागर रिम एसोसिएशन (IORA) सहित क्षेत्रीय संगठनों के नेतृत्व का सम्मान क्वाड के केंद्र में है और रहेगा.'

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