
समय से पहले सी-सेक्शन के लिए US में लगी भारतीय महिलाओं की लाइन, ट्रंप के फैसले ने मचाई खलबली
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डोनाल्ड ट्रंप ने दोबारा सत्ता में आते ही जन्मजात नागरिकता को समाप्त कर दिया है. इससे अमेरिका में रहकर काम करने वाले उन भारतीयों को झटका लगा है जो वहां अपने बच्चे को जन्म देकर नागरिकता हासिल करना चाहते थे. अब जो भारतीय महिलाएं अपनी प्रेग्नेंसी से सातवें या आठवें महीने में हैं, वो 20 फरवरी को ट्रंप का आदेश लागू होने से पहले सी सेक्शन के जरिए अपने बच्चे को जन्म देना चाहती हैं.
अमेरिका के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पद ग्रहण करते ही जन्म के आधार पर मिलने वाली अमेरिकी नागरिकता को खत्म करने की घोषणा कर दी. ट्रंप ने आदेश को लागू करने के लिए 30 दिन का समय दिया है. इस आदेश के लागू होने के बाद अवैध प्रवासियों या वीजा पर अमेरिका में रहने वाले लोगों के उन बच्चों को अमेरिकी नागरिकता नहीं मिल पाएगी जिनका जन्म अमेरिका में हुआ है. ट्रंप की इस घोषणा के साथ ही अमेरिका में समय से पहले डिलीवरी कराने की बाढ़ सी आ गई है.
अवैध रूप से या वीजा पर रह रही प्रेग्नेंट महिलाएं समय से पहले ही सी-सेक्शन के जरिए डिलीवरी करा लेना चाहती हैं ताकि उनके बच्चे को अमेरिका की नागरिकता मिल जाए और बच्चे की वजह से उन्हें और उनके पति को अमेरिका में रहने की कानूनी वजह भी मिल जाए.
ट्रंप ने 20 जनवरी को पद ग्रहण करते ही जन्मसिद्ध नागरिकता के अधिकार को खत्म करने की घोषणा की थी. ट्रंप का आदेश 20 फरवरी को लागू हो जाएगा. इसे देखते हुए अमेरिका में अवैध रूप से या वीजा पर रह रहीं वो महिलाएं जो अपनी प्रेग्नेंसी के सातवें या आठवें हफ्ते में हैं, 20 फरवरी से पहले ही बच्चों को जन्म देने के लिए क्लिनिक्स में आवेदन कर रही हैं.
प्री टर्म सी-सेक्शन के लिए आने वाली महिलाओं में सबसे अधिक भारतीय
न्यू जर्सी के एक मैटरनिटी क्लिनिक की डॉ. एस डी रमा कहती हैं कि जब से ट्रंप ने जन्मजात नागरिकता को समाप्त करने की बात कही है, समय से पहले डिलीवरी कराने के लिए आ रही महिलाओं की संख्या बढ़ गई है.
अमेरिका के 14वें संविधान संशोधन में बच्चों को जन्मजात नागरिकता की गारंटी दी गई थी. 150 सालों से चले आ रहे इस कानून को ट्रंप ने खत्म कर दिया.

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