
'समझौते की शर्त नहीं मानी तो बेहद क्रूर होगा अंत...', हमास को ट्रंप की चेतावनी
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि मिडिल ईस्ट के सहयोगी हामास के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के इच्छुक हैं, अगर वह सीजफायर समझौते का पालन नहीं करता. ट्रंप ने बताया कि उनका 20-पॉइंट शांति प्लान चल रहा है और दूसरे चरण में हामास का डिसआर्ममेंट और गाजा के भविष्य में उसकी भागीदारी न होने की मांग शामिल है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि मध्य पूर्व के उनके कई साथी गाजा में हमास के खिलाफ लड़ाई के लिए उत्साहित हैं, अगर हमास उनके 20-पॉइंट शांति योजना के तहत हस्ताक्षरित युद्धविराम समझौते का पालन नहीं करता. उन्होंने कहा कि समझौता नहीं मानने पर हमास का अंत, "तेज, क्रूर और हिंसक होगा."
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर कहा, "मध्य पूर्व के लिए जो प्रेम और जोश दिख रहा है, वह हजारों वर्षों में कभी नहीं देखा गया! यह एक खूबसूरत दृश्य है. मैंने इन देशों और इजरायल को बताया, 'अभी नहीं!' अभी उम्मीद है कि हमास सही कदम उठाएगा. यदि ऐसा नहीं होता है, तो हमास का अंत तेज, क्रूर और हिंसक होगा."
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इस बयान के बीच रिपोर्ट्स आ रही हैं कि कई देश गाजा में शांति बनाए रखने वाली फोर्स भेजने में हिचकिचा रहे हैं, क्योंकि वे हमास के साथ किसी भी टकराव में फंसना नहीं चाहते. हमास ने अक्टूबर 7 को गाजा में एक बड़ी हिंसा की घटना को अंजाम दिया था, जिसने इज़रायल-हमास युद्ध को जन्म दिया.
जेडी वेन्स इजरायल दौरे पर पहुंचे
ट्रंप की शांति योजना अभी अपने शुरुआती और नाजुक चरण में है. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेन्स मंगलवार को इजरायल पहुंचे हैं ताकि इस शांति योजना को मजबूत कर सकें और अगले चरण तक ले जा सकें.

ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघेर गलीबाफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका-ईरान वार्ता का दावा फर्जी बताया. उनका कहना है कि यह वित्तीय और तेल बाजार को प्रभावित करने और अमेरिका-इजरायल की रणनीतिक विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए फैलाया गया. ईरान ने किसी भी वार्ता की पुष्टि से इनकार किया.

वेस्ट एशिया में छिड़े युद्ध में आज अमेरिका की तरफ से ऐसे संकेत आए हैं कि जैसे अमेरिका ईरान के सामने थोड़ा झुका हो. अमेरिका ने ईरान के एनर्जी और पावर प्लांट पर हमलों को फिलहाल टाल दिया है. लेकिन सवाल है कि क्यों? अमेरिका और इजरायल का गठबंधन युद्ध के 24 दिनों के बाद भी ईरान को पूरी तरह से झुका नहीं पाया है. शुरुआत में भले ही अमेरिका इजरायल को कामयाबी मिली हो. लेकिन अब तो ऐसा लग रहा है कि जैसे ईरान ने अपने ताकतवर बम युद्ध के इस हिस्से के लिए बचाकर रखे हों. इजरायल के न्यूक्लियर प्लांट तक ईरान के बम गिर रहे हैं. इजरायल का वर्ल्ड क्लास एयर डिफेंस सिस्टम फेल क्यों हो गया.

युद्ध के 24वें दिन आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चौंकाने वाला बड़ा ऐलान किया. ट्रंप ने कहा कि बीते 2 दिनों से हो रही बातचीत के बाद मैंने ईरानी पावर प्लांट्स पर 5 दिनों के लिए हमले करना रोक दिया है. गौरतलब है कि भारतीय समय से आज रात ही ईरानी पावर प्लांट्स पर हमला करने की ट्रंप की डेडलाइन पूरी हो रही थी. सवाल ये है कि क्या ट्रंप ने अचानक यू टर्न लिया है? अगर ईरान के साथ बीते 2 दिनों से बातचीत हो रही थी तो लगभग 2 दिनों पहले उन्होंने अल्टीमेटम क्यों दिया था? क्यों उन्होंने शक्ति से शांति की बात की थी? सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान के तेवरों के आगे ट्रंप एग्जिट रूट ढूंढ रहे हैं? ट्रंप के ऐलान से क्या युद्ध रुक जाएगा? क्या ईरान और इजरायल युद्ध रोकेंगे? ईरान की मीडिया के अनुसार अमेरिका से ईरान का कोई संपर्क नहीं है.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.









