
सबसे बड़े संकट में फंस गया श्रीलंका! बचा है सिर्फ एक दिन का पेट्रोल
AajTak
Sri Lanka Crisis : श्रीलंका में इस समय पेट्रोल का एक बूंद भी नहीं बचा है. उसका विदेशी मुद्रा भंडार खत्म हो जाने से उसके पास अंतरराष्ट्रीय बाजार से तेल सहित जरूरी सामान खरीदने की क्रय शक्ति नहीं बची है.
भारत के पड़ोसी देश श्रीलंका के हालात बहुत ज्यादा खराब हो चुके हैं. हाल ही में पीएम की कुर्सी संभालने वाले रानिल विक्रमसिंघे ने कहा है कि श्रीलंका में सिर्फ एक दिन का पेट्रोल बचा है. इससे पहले आज रानिल विक्रमसिंघे ने टीवी के माध्यम से देश को संबोधित करते हुए कहा कि उनका पहला मकसद देश को बचाना है न कि किसी व्यक्ति, परिवार या समूह को. उनका इशारा पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे और उनके परिवार की ओर था.
विक्रमसिंघे ने देश की जनता को चेताते हुए कहा है कि आने वाले कुछ महीनों में हमारी जिंदगी और मुश्किल में होगी. मैं किसी सच को छिपाना और जनता से झूठ नहीं बोलना चाहता हूं. हालांकि ये बातें डरावनी हैं लेकिन सच्चाई अब यही है. हालांकि श्रीलंका के पीएम ने विदेशी मदद की भी उम्मीद जताई है.
आपको बता दें कि श्रीलंका सरकार को खर्च चलाने के लिए 2.4 ट्रिलियन श्रीलंकाई मुद्रा की जरूरत है जबकि सरकार को मिलने वाला राजस्व मात्र 1.6 ट्रिलियन ही है. जब से श्रीलंका में संकट शुरू हुआ है यह पहला मौका जब सरकार की ओर से इस सच्चाई को स्वीकारा गया है कि उसका विदेशी मुद्रा भंडार खत्म होने के कगार पर है जिसकी वजह से वह तेल और बाकी जरूरी चीजें खरीद नहीं पा रही है.
श्रीलंका के प्रधानमंत्री ने कहा है कि सरकारी एयरलाइंस का जल्द ही निजीकरण किया जाएगा क्योंकि इसका घाटा अभी बहुत बढ़ गया है. उन्होंने कहा कि यह घाटा उन लोगों को सहना पड़ रहा है जो शायद कभी हवाईजहाज में चढ़े भी नहीं होंगे.
गौरतलब है कि 1948 से श्रीलंका अब तक के सबसे बुरे आर्थिक हालात से गुजर रहा है. श्रीलंका का विदेशी मुद्रा भंडार खत्म हो गया है जिसकी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार से जरूरी सामान नहीं खरीद पा रहा है. इसकी वजह से न तो उसके पास पेट्रोल बचा है और कुकिंग गैस. वहीं बिजली कटौती और बढ़ती महंगाई ने श्रीलंका में आम लोगों का जीना दूभर हो गया है.
आर्थिक संकट के साथ ही श्रीलंका में राजनीतिक संकट भी बढ़ गया है. महिंदा राजपक्षे के पीएम पद से इस्तीफा देने के बाद राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे पर भी इस्तीफे का दबाव बढ़ गया है हालांकि उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया है. वहीं उन्होंने रानिल विक्रमसिंघे को नया पीएम बना दिया बता दें कि पूर्व पीएम महिंदा राजपक्षे और राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे में रिश्ते में भाई हैं.

वॉशिंगटन में शांति परिषद की पहली बैठक में गाजा पट्टी की वर्तमान स्थिति और क्षेत्रीय स्थिरता पर गहन चर्चा हुई. बैठक में अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका को मजबूत करने पर जोर दिया गया और निर्णय लिया गया कि गाजा में शांति बनाए रखने के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्थिरीकरण बल तैनात किया जाएगा. इस बल में इंडोनेशिया, मोरक्को, कजाकिस्तान, कोसोवो और अल्बानिया जैसे पांच देश अपने सैनिक भेजेंगे. देखें वीडियो.

आज सबसे पहले आपको उस रिपोर्ट के बारे में बताएंगे, जिसके मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर हमले की तारीख मुकर्रर कर दी है. और ये हमला इस हफ्ते के आखिर तक हो सकता है. ट्रंप ने ईरान को धमकी देते हुए कहा है कि ईरान नहीं माना तो हमला होगा. रमज़ान का महीना शुरू हो गया है और ये मुसलमानों के लिए पाक महीना माना जाता है. ऐसे में सवाल उठता है कि अगर अमेरिका ने ईरान पर रमजान के महीने में हमला किया तो मुस्लिम देश क्या करेंगे?











